वडोदरा: गुजरात के वडोदरा स्थित प्रसिद्ध सरकारी सयाजी हॉस्पिटल (SSG Hospital) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और संवेदनशील वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें 4 से 5 साल के बुरी तरह जले हुए बच्चे को उसकी मां गोद में लेकर अस्पताल के गलियारों में भटकने पर मजबूर दिख रही है। इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती जले हुए बच्चे को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाना था। परिजनों का आरोप है कि इतने गंभीर मरीज के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर तक मुहैया नहीं कराया। लाचार मां अपने रोते-बिलखते बच्चे को गोद में उठाए घंटों अस्पताल के चक्कर काटती रही। वीडियो के सामने आते ही आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है।
अस्पताल प्रशासन और RMO का रुख
अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) डॉ. हितेंद्र चौहान ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा:
“यह घटना अत्यंत दुखद है। वीडियो संज्ञान में आते ही तुरंत आंतरिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की कोई कमी नहीं है, फिर भी बच्चे को यह सुविधा क्यों नहीं मिली, इसकी तहकीकात की जा रही है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से लेकर क्लास-4 के कर्मचारियों तक, जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में करोड़ों के बजट के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं न मिलना स्वास्थ्य सेवा तंत्र पर गंभीर दाग है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।