इंदर कुमार, जबलपुर। जिले के पावला ग्राम में औचक निरीक्षण पर निकले प्रशासनिक अमले को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार का घेराव कर दिया और उन्हें जमीनी हकीकत से परिचित करवा दिया। उन्होंने सरपंच, सचिव, सहायक सचिव और पूर्व मंडल अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और बताया कि इनकी मनमानी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

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दरअसल कलेक्टर, SDM, तहसीलदार अपनी टीम के साथ बरगी विधानसभा के ग्राम पावला में निरीक्षण के लिए पहुंची थे। जहां उन्हें ग्रामीणों ने घेर लिया और मौके की स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि कुछ चुनिंदा लोगों की वजह से उन्हें बुनियादी सुविधाओं से दूर रखा जा रहा है। ग्रामीणों ने नेताओं और पंचायत प्रशासन की मिलीभगत और उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने कलेक्टर, SDM, तहसीलदार के समक्ष सीधा आरोप लगाते हुए बताया कि सरपंच कमलेश पटेल, सचिव दिकू लाल झारिया, सहायक सचिव रेवाराम साहू और पूर्व मंडल अध्यक्ष उमंग गुमास्ता की आपसी साठगांठ के कारण गांव में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार किया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि इन सभी ने आपस में मिलकर शासन की योजनाएं का पैसा विकास पर लगाने के बजाय अपनी जेबों पर कागजों पर ठिकाने लगा दिया। उन्होंने बताया कि गांव में बुनियादी सुविधाएं नहीं है, भीषण गर्मी के बावजूद सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है।

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वहीं ग्रामीणों के रोके जाने पर कलेक्टर ने उनकी बात ध्यान से सुनी और मौके की स्थिति को देखते हुए जांच की बात कही। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

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