अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने लेबनान में सक्रिय अपने समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह को नहीं रोका, तो अमेरिका पहले से भी अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए उच्चस्तरीय वार्ता जारी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी दी सख्त चेतावनी
फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है। उनका दावा था कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है और अमेरिका इसके महत्व को अच्छी तरह समझता है।
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान बातचीत को गंभीरता से नहीं लेता, तो वॉशिंगटन के पास कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने संकेत दिया कि 60 दिन की समयसीमा के बाद अमेरिका अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है।
इजरायल की रणनीति पर भी जताई नाराजगी
ट्रंप ने इजरायल की आलोचना करते हुए कहा कि वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि संगठन को खत्म करने के लिए अधिक सटीक और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
‘ईरान मसला सुलझा तो क्षेत्र में आएगी शांति’
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा कि ईरान को तुरंत लेबनान में अपने वित्तपोषित प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियां रोकनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले सप्ताह की तुलना में अधिक ताकत के साथ जवाबी कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप का मानना है कि मध्य पूर्व में मौजूदा अस्थिरता का केंद्र ईरान है और यदि यह मुद्दा सुलझ जाता है तो क्षेत्र के कई अन्य विवाद भी शांत हो सकते हैं।
वार्ता जारी, लेकिन शर्तों पर अड़ा ईरान
दूसरी ओर, ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान पर इजरायली हमले रुकने तक वह वार्ता के अगले चरण में आगे नहीं बढ़ेगा। तेहरान का कहना है कि क्षेत्रीय तनाव कम होने और आर्थिक प्रतिबद्धताओं के पालन के बाद ही परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर सार्थक बातचीत संभव होगी।
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