हर मंदिर हमेशा से पुरुष प्रधान रहे हैं. मंदिरों में पुरुषों को पुजारी नियुक्त किया जाता है और उन्हें धार्मिक अनुष्ठान करने और मंदिर की देखभाल की जिम्मेदारी दी जाती है. भारत में ज्‍यादातर मंदिरों में महिलाओं को पूजा-पाठ करने की अनुमति नहीं होती है. यहां तक कि उन्हें पीरियड्स के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश करने से भी रोक दिया जाता है. लेकिन तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन सेंटर परिसर के अंदर सद्गुरु द्वारा स्थापित लिंग भैरवी मंदिर एक अत्यंत शक्तिशाली, उग्र और करुणामय स्त्री ऊर्जा रूप (देवी) है. साल 2010 में स्थापित यह मंदिर महिला पुजारियों द्वारा प्रबंधित किया जाता है.

लिंग भैरवी मंदिर को भारत के सबसे विशिष्ट मंदिरों में से एक माना जाता है. इस मंदिर में महिला और पुरुष दोनों भक्तों को स्वीकार किया जाता है, लेकिन केवल महिलाओं को ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने और देवी लिंग भैरवी की पूजा करने की अनुमति है. यह उस देश में एक साहसिक कदम है, जहां आज भी कई लोग धार्मिक गतिविधियों को करने के मामले में महिलाओं को ‘अछूत’ मानते हैं.

पीरियड्स में महिलाएं को है पूजा करने की अनुमति

बता दें कि ईशा फाउंडेशन सेंटर परिसर में बने इस मंदिर में महिला पुजारी ही पूरी व्यवस्था संभालती हैं. यहां महिलाओं को पारंपरिक बंधनों से मुक्त होकर, मासिक धर्म के दौरान भी प्रवेश और पूजा करने की भी अनुमति है. यह शारीरिक स्थिरता और सांसारिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है.

लिंग भैरवी मंदिर की खासियत

लिंग भैरवी मंदिर की खास बात यह है कि यहां महिलाएं मासिक धर्म के दौरान भी पूजा कर सकती हैं. सद्गुरु जग्गी वासुदेव के आश्रम में स्थित इस मंदिर में महिलाओं को पीरियड्स के समय भी गर्भगृह तक प्रवेश की अनुमति है. एक उपाशिका, मां निर्मला, ने पहले मीडिया से बातचीत में बताया था कि यह पूरा सिद्धांत सद्गुरु की सोच पर आधारित है. उनका उद्देश्य था कि महिलाएं भी मंदिर में पूजा और अनुष्ठान कर सकें.

कौन हैं भैरवी ?

भैरवी का शाब्दिक अर्थ है ‘विस्मयकारी’. दस महाविद्याओं (माँ दुर्गा के अवतार) में से एक पुराणों के अनुसार वह भैरव की सहचरी हैं. लिंग भैरवी स्तुति, जो देवी के 33 शुभ नामों का जाप है, उन्हें स्वधारिणी (स्वतंत्र/ आत्मनिर्भर), नागेश्वरी (नागों की देवी), हिरण्य गर्भिणी (सृजन का गर्भ) और सर्व जननी (सभी की माँ) के रूप में संदर्भित करती है – जो देवी के कई पहलुओं और गुणों को दर्शाता है.