यमुनानगर के नत्थनपुर गांव में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में यूपी के सहारनपुर निवासी जेसीबी चालक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस वारदात के संबंध में तीन नामजद हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
यमुनानगर। जिले से दुश्मनी के चलते एक खौफनाक वारदात सामने आई है। नत्थनपुर गांव में एक निर्माण कंपनी के भीतर काम करने वाले जेसीबी चालक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान आकिल के तौर पर हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का निवासी था। पुलिस ने इस हिंसक घटना के बाद तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
खाट पर मिला शव
मृतक के भाई आदिल ने पुलिस विभाग को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उसका भाई आकिल नत्थनपुर में संचालित कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी में जेसीबी चलाने का काम करता था। बीते 15 जुलाई की रात को करीब 8:20 बजे परिवार को जानकारी दी गई कि आकिल का स्वास्थ्य बहुत ज्यादा बिगड़ गया है। यह खबर सुनते ही जब आदिल अपने पिता के साथ कंपनी के दफ्तर पहुंचा, तो वहां आकिल का शव एक खाट पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके नाक से लगातार खून बह रहा था और उसकी पीठ, गर्दन व चेहरे पर गहरे जख्मों के निशान मौजूद थे।
लाठी-डंडों से किया हमला
घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने मृतक के परिवार को बताया कि आकिल की मौत प्राकृतिक नहीं है। वहां मौजूद अनिल, रामदास और पुजारी नाम के तीन लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर आकिल पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। आरोपियों ने उसे तब तक पीटा जब तक कि वह बेदम नहीं हो गया। शरीर पर लगी गंभीर चोटों की वजह से आकिल ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया था और वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर वहां से भाग निकले।
पुलिस की छापेमारी जारी
इस हत्याकांड की जानकारी मिलते ही छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही तीनों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेज दी गई है।

