यमुनानगर के डारपुर गांव में वाइल्डलाइफ विभाग ने वन विभाग और पुलिस के सहयोग से एक मकान के बाथरूम में छिपाई गई बेशकीमती खैर की लकड़ी बरामद की है। इस मामले में तीन तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
परवेज खान यमुनानगर। खैर तस्करों के खिलाफ वाइल्डलाइफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करों के मंसूबों पर करारा प्रहार किया है। जिले के डारपुर गांव में एक मकान के अंदर बने बाथरूम से बेशकीमती खैर की लकड़ी बरामद की गई है। तस्करों ने खैर के दो पेड़ों की छिलाई कर उनकी लकड़ी को बेहद चालाकी से बाथरूम में छिपा रखा था, ताकि किसी को भनक तक न लगे।
संयुक्त टीम ने की छापेमारी
वाइल्डलाइफ विभाग की सटीक सूचना और त्वरित कार्रवाई ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। इस कार्रवाई में वाइल्डलाइफ विभाग को वन विभाग और डायल-112 पुलिस की टीम का भी पूरा सहयोग मिला। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छिपाई गई खैर की लकड़ी को बरामद किया।

तीन तस्करों पर कार्रवाई
सबसे बड़ी बात यह है कि वाइल्डलाइफ विभाग ने इस मामले में तीन खैर तस्करों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध कटान में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि जांच में अन्य नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तस्करों में मचा हड़कंप
यमुनानगर का खैर वन क्षेत्र लंबे समय से तस्करों के निशाने पर रहा है, लेकिन अब विभाग ने साफ संदेश दे दिया है कि जंगलों की संपत्ति पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कटान और खैर तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। फिलहाल डारपुर गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद खैर तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है और विभाग आगे भी ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

