लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी है. उन्होंने ‘योगी की पाती’ के माध्यम से गणेश उत्सव और विश्वकर्मा पूजा को लेकर संदेश दिया है. उन्होंने लिखा है कि सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति अपने संकल्प को सुदृढ़ करने वाले महापर्व गणेश चतुर्थी की आप सभी को कोटि-कोटि मंगलकामनाएं. गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना सृजन और निर्माण के स्वरूप भगवान विश्वकर्मा के पूजन में दिखाई देती है. 17 सितंबर को जब सृष्टि के प्रथम अभियंता भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया जाएगा, तब कौशल एवं तकनीक के संगम से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और पुष्ट होगा.
सीएम योगी ने पाती में लिखा है कि ‘प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश शुभत्व एवं मंगल के आराध्य है. मेरा हृदय प्रफुल्लित हो उठता है, जब मैं देखता हूं कि संपूर्ण प्रदेश में, विशेषकर मुवा अपने घरों में भगवान गणपति की स्थापना कर श्रद्धा के साथ उनका पूजन करते हैं. सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति अपने संकल्प को सुदृढ़ करने वाले महापर्व गणेश चतुर्थी की आप सभी को कोटि-कोटि मंगलकामनाएं.’
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योगी ने लिखा ‘भगवान गणेश का पर्यावरण और जीवों के साथ गहरा जुड़ाव, उनकी रूप-रचना तथा जीवन-दर्शन, प्रकृति के संरक्षण और संतुलन का संदेश देता है. गल मुख जंगलों और वन्यजीवों का प्रतीक है, तो मूषक वाहन भूमि की उर्वरता और कृषि से जुड़ा है. विशाल उदर संपूर्ण ब्रह्मांड को समाहित करने का भाव व्यक्त करता है, जबकि उनके बड़े कान हमें प्रकृति की हर पुकार को सुनने का संदेश देते हैं. गणेश चतुर्थी पर पूला जाने वाला ‘एकविंशति पत्र’ (इक्कीस प्रकार की विशेष पत्तियां) औषधीय पौधों के संरक्षण से जुड़ा हैं. इस प्रकार गणपति का चरित्र हमें मानव जीवन और प्रकृति के एक-दूसरे का पूरक होने का संदेश देता है. इसी विराटता को लोकमान्य तिलक ने आस्था से एकता, एकता से जनशक्ति और जनशक्ति से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाला महापर्व बना दिया.’
सीएम ने आगे लिखा कि ‘गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना सुजन तथा निर्माण के स्वरूप भगवान विश्वकर्मा के पूजन में दिखाई देती है. 17 सितंबर को जब सृष्टि के प्रथम अभियंता भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया जाएगा, तब कौशल एवं तकनीक के संगम से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और पुष्ट होगा. एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत संरचनाएं नए उत्तर प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य का प्रमाण है. किसी प्रदेश का वास्तविक निर्माण केवल बड़े ढांचों से नहीं, वहां के लोगों के हुनर, विचारों की शक्ति और उद्यमिता के साहस से होता है.’
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योगी ने लिखा कि ‘इसी सोच के साथ हमारी सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान भोजना, एक जनपद-एक उत्पाद, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभिमान जैसी पहलों के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, मुवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है. मैं आप सभी से विशेष आग्रह करना चाहूंगा कि ‘बोकल फॉर लोकल’ को केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार का अंग बनाएं. स्थानीय उत्पादों का सम्मान बढ़ेगा, तो कारीगरों के हाथों को काम, युवाओं को रोजगार के अवसर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और हुनर तथा स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा. ‘



