​वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के हरनौत थाना क्षेत्र अंतर्गत मीराचक गांव में बुधवार की देर रात एक 17 वर्षीय किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी मनोज राउत के पुत्र धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही परिवार के दावों और अस्पताल के संकेतों में विरोधाभास के कारण यह मामला गहरा गया है।

​परिजनों का दावा: सीढ़ी हादसे का शिकार हुआ किशोर

​परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात धर्मेंद्र घर की छत से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान अचानक सीढ़ी टूट गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीढ़ी के बीच फंस गया। परिजनों का कहना है कि सीढ़ी के हिस्सों के बीच उसकी गर्दन फंस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आनन-फानन में इलाज के लिए बिहारशरीफ स्थित मॉडल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​डॉक्टरों की आशंका: गले पर मिले गहरे निशान

​मामला तब पेचीदा हो गया जब अस्पताल के सूत्रों ने चौंकाने वाली जानकारी दी। चिकित्सकों के प्रारंभिक परीक्षण के अनुसार मृतक के गले पर गहरे और काले निशान देखे गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि ये निशान किसी सामान्य दुर्घटना (जैसे सीढ़ी से गिरने) की तुलना में कुछ अलग संकेत दे रहे हैं। हालांकि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मौत के वास्तविक कारण पर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।

​रहस्य बना मौत का कारण: पोस्टमार्टम से परहेज क्यों?

​इस घटना का सबसे विवादास्पद पहलू यह है कि परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने साथ निजी वाहन से घर ले गए। पोस्टमार्टम न होने के कारण मौत के पीछे का असली सच रहस्य के घेरे में है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि यदि घटना सामान्य थी तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से परहेज क्यों किया? ग्रामीण अब इस मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

​पुलिस की स्थिति

​हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि अब तक इस संबंध में पुलिस को न तो कोई लिखित आवेदन मिला है और न ही घटना की औपचारिक सूचना दी गई है। चूंकि मामला संदिग्ध है ऐसे में पुलिस की भूमिका तब सक्रिय होगी जब परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई जाएगी या प्रशासन स्वयं मामले का संज्ञान लेगा। फिलहाल इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।