पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ गई है। भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान को उचित और स्वतंत्र मेडिकल इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है।
21 पूर्व कप्तानों ने लिखा पत्र
23 अगस्त को लिखे गए पत्र में पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार करने और पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार उनकी मेडिकल जांच कराने की अपील की। पत्र पर भारत के तीन, ऑस्ट्रेलिया के आठ, इंग्लैंड के छह, वेस्टइंडीज और श्रीलंका के एक-एक तथा न्यूजीलैंड के दो पूर्व कप्तानों के हस्ताक्षर हैं।
हस्ताक्षर करने वालों में कपिल देव, सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर, स्टीव वॉ, एडम गिलक्रिस्ट, एलन बॉर्डर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, एलिस्टेयर कुक, नासिर हुसैन, माइकल एथरटन, एंड्रयू स्ट्रॉस, क्लाइव लॉयड और अर्जुन रणतुंगा समेत कई दिग्गज शामिल हैं।

छह महीने बाद फिर उठाई आवाज
पूर्व कप्तानों ने कहा कि करीब छह महीने पहले भी 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार से इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधा देने की अपील की थी। इस बार सात और पूर्व कप्तान उनके साथ जुड़े हैं।
पत्र में कहा गया कि क्रिकेट के मैदान पर बना रिश्ता राजनीतिक सीमाओं और देशों के मतभेदों से ऊपर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान की कानूनी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं कर रहे, बल्कि इमरान की निष्पक्ष और पूरी मेडिकल जांच की मांग कर रहे हैं।
निजी डॉक्टरों को मेडिकल बोर्ड में शामिल करने की मांग
पूर्व कप्तानों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि इमरान खान की मेडिकल जांच के लिए गठित बोर्ड में उनके निजी डॉक्टर और उनकी बहन डॉ. उजमा खान को भी शामिल किया जाना चाहिए। परिवार की ओर से हर सप्ताह मुलाकात की मांग भी की गई है।
इमरान के परिवार और कानूनी टीम का आरोप है कि राज्य द्वारा गठित मेडिकल टीम ने कुछ ही घंटों में जांच पूरी कर उन्हें फिट घोषित कर दिया और प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उन्हें अदियाला जेल भेज दिया।
दाहिनी आंख की रोशनी को लेकर चिंता
इमरान खान के वकीलों ने पहले सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि उनकी दाहिनी आंख की करीब 85% रोशनी जा चुकी है। उनका कहना है कि अक्टूबर 2025 से आंखों की समस्या की शिकायत के बावजूद समय पर उचित इलाज नहीं मिला। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अब इमरान की विस्तृत जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। बोर्ड उनकी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट, मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और अन्य संभावित जोखिमों की जांच करेगा तथा यह तय करेगा कि उनका इलाज जेल में संभव है या अस्पताल में भर्ती करना जरूरी है।
जैक गोल्डस्मिथ ने भी ब्रिटेन से हस्तक्षेप की मांग की
इमरान खान के पूर्व बहनोई और ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य जैक गोल्डस्मिथ ने भी 21 अगस्त को ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और अधिक कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की।
अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले चले। कुछ मामलों में उन्हें राहत मिली, लेकिन अन्य मामलों के कारण वह अब भी जेल में हैं।
इमरान और उनकी पार्टी PTI का आरोप है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। वहीं, पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए मामलों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती है।
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