सोनू वर्मा, नूंह (मेवात): नूंह की एक विशेष पोक्सो अदालत (Special POCSO Court) ने नाबालिग छात्रा को डराने-धमकाने, छेड़छाड़ करने और उसकी फोटो वायरल करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

2024 का है मामला, पीड़िता को किया था ब्लैकमेल (Crime Against Women)

पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला साल 2024 का है। नूंह के महिला थाने (Women Police Station) में पीड़ित छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि आरोपी ने उसकी कुछ तस्वीरें ले ली थीं। इसके बाद वह फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। बदनामी का डर दिखाकर आरोपी ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और लगातार ब्लैकमेल (Blackmailing) करता रहा। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।

पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला (POCSO Act Verdict)

इस संवेदनशील मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष पोक्सो कोर्ट के जज डॉ. आशु संजीव टिंजन की अदालत में हुई। नूंह पुलिस की टीम ने कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए।

दलीलों और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी विकास (पुत्र रामकिशन, निवासी विष्णु कॉलोनी, नूंह) को गुनाहगार पाया। कोर्ट ने दोषी विकास को पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत 3 साल की कठोर जेल और अन्य धाराओं में 6-6 महीने की सजा सुनाई। कोर्ट के आदेश के मुताबिक ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। स्थानीय लोगों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है।