BPL 2025-26: बांग्लादेश क्रिकेट में चल रहा विवाद अब खुलकर मैदान पर दिखने लगा है। बांग्लादेश प्रीमियर लीग में आज दोपहर 1:30 बजे ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में चटोग्राम रॉयल्स और नोआखली एक्सप्रेस के बीच मुकाबला खेला जाना था, लेकिन मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। वजह साफ रही, खिलाड़ी मैदान पर उतरने के लिए तैयार ही नहीं हुए। इससे साफ हो गया है कि खिलाड़ियों की नाराजगी अब सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने हड़ताल का रूप ले लिया है।
क्या है पूरे विवाद की वजह
बता दें कि यह मामला तब उठा, जब बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को पेसर मुस्तफिज़ुर को अपनी IPL 2026 टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया। BCCI ने यह कदम बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में उठाया है, जिसके बाद से ही भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस बीच बीते दिनों बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से जुड़े एक मसले पर दोनों देशों के बीच संवाद और समाधान की बात कही थी।

तमीम के इस रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के निदेशक एम. नजमुल इस्लाम ने उन्हें सार्वजनिक मंच पर “भारतीय एजेंट” कहकर संबोधित किया, जिसे खिलाड़ियों ने बेहद अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया।
CWAB का अल्टीमेटम और खिलाड़ियों की एकजुटता
नजमुल इस्लाम के बयान के बाद क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) ने मोर्चा संभाल लिया। संगठन ने साफ अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर नजमुल इस्लाम तय समय सीमा (15 जनवरी दोपहर 1:30 बजे) तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो खिलाड़ी क्रिकेट के सभी फॉर्मेट अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और BPL का बहिष्कार करेंगे। CWAB अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक बयान की नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के सम्मान और आत्मसम्मान की है।
BCB का डैमेज कंट्रोल, लेकिन भरोसा नहीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए BCB ने हाल ही में एक प्रेस रिलीज जारी कर नजमुल इस्लाम के बयान से खुद को अलग कर लिया। बोर्ड ने कहा कि ये टिप्पणियां निजी राय थीं और BCB के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शातीं। साथ ही यह भी कहा गया कि खिलाड़ियों का अपमान करने या क्रिकेट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि खिलाड़ियों का कहना है कि सिर्फ बयान जारी करना काफी नहीं है, उन्हें ठोस कार्रवाई चाहिए।
आज का BPL मैच शुरू न होना खिलाड़ियों के आक्रोश का अब तक का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। खिलाड़ियों का साफ कहना है कि जब तक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे मैदान पर उतरकर क्रिकेट खेलना नैतिक रूप से सही नहीं मानते। इस घटनाक्रम से BPL के आगे के मैचों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
आगे क्या?

अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद केवल BPL तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय छवि, भविष्य के टूर और बड़े टूर्नामेंटों पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल पूरा क्रिकेट जगत इस टकराव पर नजर बनाए हुए है कि क्या बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच समझौता होगा या यह संकट और गहराएगा।
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