आरा। शहर के रेलवे स्टेशन पर एर्नाकुलम एक्सप्रेस (22659) में सफर कर रहे दो सगे भाइयों पर किन्नरों के एक समूह ने जानलेवा हमला कर दिया। विवाद की जड़ महज चंद रुपयों की मांग थी, जिसे पूरा न करने पर किन्नरों ने धारदार हथियार और पिन से हमला कर दोनों को लहूलुहान कर दिया।

​पैसे के विवाद में खूनी संघर्ष

​घायलों की पहचान भागलपुर के डहरपुर निवासी अब्दुल जबर (27) और जहांगीर (19) के रूप में हुई है। दोनों भाई केरल में राजमिस्त्री का काम करते हैं और घर लौट रहे थे। पीड़ितों के अनुसार, ट्रेन जैसे ही आरा स्टेशन पर रुकी, पांच किन्नर कोच में दाखिल हुए और जबरन वसूली शुरू कर दी। अब्दुल ने 100 रूपए. दिए, लेकिन जब किन्नरों ने उसके छोटे भाई से अलग से पैसे मांगे और उन्होंने मना किया, तो वे उग्र हो गए।

​धारदार हथियार से चेहरे पर किया हमला

​अब्दुल ने बताया कि मना करने पर किन्नरों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और अचानक पिन व धारदार हथियार से उनके चेहरे पर वार करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव किया। यात्रियों ने साहस दिखाते हुए एक आरोपी को चलती ट्रेन में ही दबोच लिया और पटना में रेल पुलिस के हवाले कर दिया।

​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

​RPF इंस्पेक्टर दीपक कुमार के मुताबिक, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित छापेमारी की और घटना में शामिल पांचों आरोपियों (नयना, निशा, चुमकी, जिन और राखी) को गिरफ्तार कर लिया है। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।