Income Tax Raids On Hotels and Restaurants: देश के होटल और रेस्टोरेंट इनकम टैक्स के रडार पर हैं। टैक्स चोरी के आरोप में आयकर ने देश के 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट पर छापा मारा है। शुरुआती जांच में 408 करोड़ की टैक्स चोरी (tax evasion) पकड़ी गई है। जांच की शुरुआत हैदराबाद में एक बिरयानी चेन से हुई थी, जो अब 46 शहरों तक जा पहुंची है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स चोरी के आरोप में रेस्टोरेंट्स का सर्वे करने के बाद 408 करोड़ रुपये की सेल्स कम बताई। हम अब ऐसे 63,000 आउटलेट्स को ईमेल और मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें उनसे 31 मार्च तक अपने इनकम टैक्स रिटर्न अपडेट करने की रिक्वेस्ट की गई है।

CBDT ने बयान में कहा कि 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट पर पूरे देश में सर्वे किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाई गई है। बयान में कहा गया है कि टैक्स अधिकारियों ने नवंबर 2025 में फूड और बेवरेज सेक्टर में जांच शुरू की थी। इस दौरान, यह पाया गया कि कई रेस्टोरेंट असली बिक्री को छिपाने के लिए बल्क बिल डिलीट करने और दूसरे बदलाव करने में लगे हुए थे।

कहां-कहां रेड?

8 मार्च को आयकर विभाग ने शिमला, मुरथल, चंडीगढ़, लुधियाना, गोधरा, अहमदाबाद, कोल्लम, कोच्चि, मदुरै, गुवाहाटी, दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता सहित 46 शहरों को कवर करते हुए 22 राज्यों के 62 रेस्तरां के खिलाफ सर्वे किया। I-T एक्ट के सेक्शन 133A के तहत किया जाने वाला सर्वे आमतौर पर सर्च और सीजर ऑपरेशन से पहले होता है और यह सिर्फ बिजनेस की जगहों पर होता है। सर्वे के दौरान IT अधिकारी अकाउंट्स की किताबें, बैंक अकाउंट्स, कैश, स्टॉक और गैर-कीमती डॉक्यूमेंट्स देखते हैं। विभाग ने अब SAKSHAM NUDGE कैंपेन शुरू किया है, जिसमें टैक्सपेयर्स को अपनी गलतियां सुधारने की सलाह दी जा रही है। पहले फेज में पहचाने गए रेस्टोरेंट्स को ईमेल और मैसेज भेजे जा रहे हैं। डिपार्टमेंट ने इन रेस्टोरेंट्स से 31 मार्च से पहले इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(8A) के तहत अपडेटेड रिटर्न फाइल करने को कहा है।

कैसे हुआ खुलासा?

आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में हैदराबाद में पिस्ता हाउस, शाह गौस और महफिल जैसे लोकप्रिय बिरयानी रेस्टोरेंट चेन पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई आउटलेट्स, कॉरपोरेट दफ्तरों, सॉफ्टवेयर देने वाली कंपनियों और मालिकों के परिसरों पर की गई। इस दौरान इन प्रतिष्ठानों से करीब 6 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, मालिकों के घर से भी करीब 20 करोड़ रुपये का कैश, भारी मात्रा में सोना और अहम संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए।

जांच का दायरा तब और बड़ा हो गया जब अधिकारियों ने देश भर में एक लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इस बिलिंग सॉफ्टवेयर का 60 टेराबाइट (TB) डेटा खंगाला। जांच में पता चला कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से ही बिक्री के आंकड़ों को छिपाने का यह खेल चल रहा था। सॉफ्टवेयर के लॉग्स में ही करीब 13,317 करोड़ रुपये की डिलीट की गई बिक्री का रिकॉर्ड मिल गया। अकेले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सैंपल डेटा में 5,141 करोड़ रुपये की छिपाई गई बिक्री सामने आई है।

इनकम कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर की

अधिकारियों ने बताया कि जांच तब शुरू हुई जब हैदराबाद में डिपार्टमेंट की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बिरयानी चेन के टैक्स चोरी के पैटर्न की जांच की थी। पता चला कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट कथित तौर पर अपनी इनकम कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर रहे थे। इस बिरयानी चे चेन ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में हेरफेर करके 70,000 करोड़ रुपये की बिक्री को छिपाया था।

AI टूल्स के जरिए करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के ट्रांजैक्शनल डेटा का एडवांस्ड एनालिटिक्स

CBDT के मुताबिक, AI टूल्स के जरिए करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के ट्रांजैक्शनल डेटा का एडवांस्ड एनालिटिक्स किया गया। इस डेटा की तुलना इन आउटलेट्स द्वारा बताए गए टर्नओवर से की गई, जिससे बड़े पैमाने पर इनकम कम दिखाने का पता चला। कुछ मामलों में, रिकॉर्ड की गई बिक्री फाइनेंशियल अकाउंट्स या टैक्स फाइलिंग में पूरी तरह से दिखाई नहीं दी और कुछ ट्रांज़ैक्शन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया।

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