Truck Driver Son Mangesh Yadav: इंडियन प्रीमियर लीग वो मंच है, जो नए खिलाड़ियों को सबकुछ देता है. बस जरूरत होती है तो सिर्फ बढ़िया प्रदर्शन की. जिस भी खिलाड़ी ने इस बड़े मंच पर अपने आप को साबित कर दिया, उसकी किस्मत चमक जाती है और लाइफ सेट हो जाती है. यही वजह है कि हर सीजन कुछ अनकैप्ड खिलाड़ी इस लीग से निकलते हैं और आगे चलकर खूब नाम कमाते हैं. जसप्रीत बुमराह से लेकर हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, हर्षित राणा जैसे स्टार इसी लीग की देन हैं. आईपीएल 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु एक ऐसे खिलाड़ी का डेब्यू कराने जा रही है, जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच जिताने की क्षमता रखता है. नीलामी में इस खिलाड़ी को आरसीबी ने 5.20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में अपने साथ जोड़ा था.
आरसीबी के जिस नए हीरो की यहां बात हो रही है, वह कोई और नहीं बल्कि 23 साल के ऑलराउंडर मंगेश यादव हैं, जो मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं. मंगेश का बचपन गरीबी में बीता. उनके पिता ट्रक ड्राइवर रह चुके हैं और खेती-किसानी भी की. बेटे मंगेश में क्रिकेट का जुनून तो बचपन से था, लेकिन एकेडमी की फीस और किट के पैसे जुटाना परिवार के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रही. मंगेश ने कई बार फटे जूतों के साथ प्रैक्टिस की और उधार के बैट से अभ्यास किया, लेकिन अब इस खिलाड़ी पर करोड़ों की बोली लगी है और वह अपने डेब्यू सीजन को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

मंगेश यादव की खासियत क्या है?
मंगेश यादव एक परफेक्ट ऑलराउंडर हैं. उनके पास 140+ किमी/घंटा की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी करने की क्षमता है. वह निचले क्रम में बल्ले से तबाही मचाकर मैच फिनिश कर सकते हैं. उनकी फील्डिंग कमाल की है. वह एक चुस्त एथलीट हैं, जो बाउंड्री पर शानदार कैच पकड़ने के लिए जाने जाते हैं. मतलब क्रिकेट के तीनों डिपार्टमेंट में यह खिलाड़ी कमाल का माना जाता है. वह पहली बार आईपीएल जैसे बड़े मंच पर उतरेंगे, ऐसे में उन पर इस दबाव को मात देने की चुनौती जरूर रहेगी.
मंगेश को खरीदने के लिए इन टीमों में हुई थी बिडिंग वॉर
आईपीएल 2026 की नीलामी में मंगेश का नाम आया था, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि एक अनकैप्ड खिलाड़ी पर इतनी बड़ी बोली लगेगी. इस खिलाड़ी के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स और आरसीबी के बीच बिडिंग वॉर हुआ. दोनों टीमों में होड़ मची थी, लेकिन आखिर में आरसीबी ने उन्हें 5.20 करोड़ रुपये की बोली के साथ अपने साथ जोड़ लिया था.
मैच खेलकर मिलने वाले पैसों से घर का खर्चा चलाते थे मंगेश
मंगेश यादव बेहद साधारण परिवार से आते हैं. यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने और उनके परिवार ने खूब संघर्ष किया है. मंगेश के पिता रामअवध यादव यूपी के मऊ के कैथवली गांव से आते हैं, लेकिन अपना पैतृक घर छोड़कर पत्नी रीता यादव, बेटियों पायल, प्रिया, काजल और बेटे मंगेश के साथ मध्य प्रदेश के पांढुरना जिले में बस गए थे, क्योंकि वह यहां ट्रक चलाते थे. मंगेश बचपन से क्रिकेट में रुचि रखते थे. आज से 7 साल पहले तक वह एक किराए के टेनिस खिलाड़ी कहलाते थे, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में स्थानीय टूर्नामेंट खेलने के लिए ट्रेन के जनरल डिब्बों में सफर करते थे. इन्हीं मैचों को खेलकर वह घर का खर्चा चलाते थे और खुद की प्रैक्टिस करते थे.
मध्यप्रदेश टी 20 लीग से मिली थी पहचान
23 साल के लेफ्ट-आर्म पेसर मंगेश यादव को तब पहचान मिली, जब उन्होंने मध्य प्रदेश टी20 लीग में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए. ग्वालियर चीताज़ टीम के लिए खेलते हुए इस खिलाड़ी ने पूरे सीजन में 21 ओवर डाले और 14 विकेट निकाले थे. छह मैचों में तीन बार चार-विकेट हॉल किया था. 18 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन था. एमपी टी20 में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मंगेश को आखिरकार 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सीनियर टीम में पदार्पण करने का मौका मिला, जहां उन्होंने 2 मैचों में तीन विकेट लिए और पंजाब के खिलाफ 12 गेंदों में 28 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया. इसके बाद आईपीएल नीलामी में उन पर करोड़ों की बोली लगी.
पहले ही मैच में हो सकता है डेब्यू
आरसीबी उन्हें पहले ही मैच में प्लेइंग 11 में शामिल कर सकती है. ऐसा टीम के स्काउट्स का मानना है, जिन्होंने इस खिलाड़ी को पहचाना. स्काउट्स का यह मानना है कि मंगेश इतने अच्छे खिलाड़ी हैं कि उन्हें सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है. वह संभवतः यश दयाल की जगह लेंगे. आरसीबी में शामिल होने पर मंगेश ने कहा था, ‘मुझे नहीं पता था कि यह सब कैसा लगता है, लेकिन मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे अपने राज्य से रजत पाटीदार भैया, वेंकी (अय्यर) भैया और आनंद राजन (मध्य प्रदेश के पूर्व सीमर) सर जैसे कई लोग मेरा मार्गदर्शन करेंगे.

