कानपुर। यूपी के कानपुर में अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने से हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर दंपत्ति समेत कुल 6 लोगों को अरेस्ट किया है। छानबीन के दौरान पता चला कि कानपुर में अब तक 40 से 50 संदिग्ध किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। जिनमें से आधा दर्जन मामले एक ही हॉस्पिटल से जुड़े पाए गए। पुलिस ने बताया कि एंबुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल इस रैकेट का सरगना है, जो खुद को डॉक्टर की तरह पेश करता था।

पुलिस ने बताया कि गिरोह प्लानिंग के तहत डायलिसिस सेंटरों पर आने वाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। जालसाज मरीजों को 60 लाख से 1 करोड़ रुपये तक में बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए किडनी ट्रांसप्लांट कराने का लालच देते थे। फिर ऑपरेशन वाले दिन अस्‍पताल का स्‍टाफ हटा दिया जाता था। किसी प्रकार की गलती न हो इसके लिए विशेष सर्जिकल टीम बुलाई जाती और ऑपरेशन के बाद मरीजों को ऐसे जगह शिफ्ट किया जाता जहां उससे कोई संपर्क न कर सके। इस दौरान मरीजों का ना तो मेडिकल रिकॉर्ड रखा जाता था और ना ही ऑपरेशन की आधिकारिक एंट्री होती थी। जिससे पुलिस भी इन तक पहुंच जाए तो उनके हाथ कोई सबूत ना लगे।

किडनी कांड के तार मेरठ से जुड़े

गिरोह के तार मेरठ समेत अन्य शहरों के डॉक्टरों से भी जुड़े हुए हैं। जिसके बाद CMO ने अल्फा अस्पताल के डॉक्यूमेंट जब्त किए है। SSP ने अधिकारियों को अस्पताल पर नजर रखने के निर्देश दिए है। SP-CO सिविल लाइन को जांच के लिए नियुक्त किया गया है। डॉक्टर अफजल, डॉ. वैभव मुद्गल और डॉ. अमित की जांच तेज कर दी गई है। छानबीन के दौरान पता चला कि तीनों टेलीग्राम के जरिए मरीज को फंसाते थे। इनका नेटवर्क बागपत, मुजफ्फरनगर, खतौली, बिजनौर और हापुड़ तक फैला हुआ है।

READ MORE: CM योगी ने लगाया जनता दर्शन, एक-एक करके सुनी सबकी फरियाद, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

इधर, रुपए के लालच में अपनी किडनी बेचने वाला आयुष हैलट अस्पताल के ICU में एडमिट है। पुलिस ने आयुष से परिजनों को जानकारी देने की बात कही। इस पर वह पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर रोने लगा। कहा- सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैं नौकरी करने की बात कहकर कानपुर आया था। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आयुष ने बिहार के बेगूसराय में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से हमारी बात कराई। वह आयुष से मिलने कानपुर आई। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू निकल पड़े। वह फूट-फूटकर रोने लगा। उसने कहा- मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। गर्लफ्रेंड ने सिर पर हाथ फेरकर दिलासा दिया।

READ MORE: आकाशवाणी लखनऊ 89वां स्थापना दिवस: पद्मश्री से अलंकृत विभूतियों का होगा सम्मान, CM होंगे रहेंगे मौजूद

पैसे नहीं मिलने पर किया पर्दाफाश

कानपुर में किडनी गैंग के डॉक्टरों के चंगुल में फंसे MBA स्टूडेंट आयुष ने अपनी किडनी बेच दी। इसके बाद भी जब रुपए नहीं मिले, तो उसने मामले का पर्दाफाश कर दिया। किडनी निकलने के बाद उसकी तबीयत पूरी तरह सही नहीं है। उसे मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। आयुष बिहार के समस्तीपुर और लड़की बेगूसराय की है। इधर 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद पुलिस ने इस गैंग से जुड़े चार फरार डॉक्टरों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है।