करनाल की नई अनाज मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने मंडी व्यवस्था, खरीद प्रक्रिया और प्रशासनिक नीतियों पर कई सवाल उठाए।

मुकुल सतीजा , करनाल। करनाल की नई अनाज मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने मंडी व्यवस्था, खरीद प्रक्रिया और प्रशासनिक नीतियों पर कई सवाल उठाए।

हुड्डा ने कहा कि अगर किसी ने क्रॉस वोटिंग की है तो स्वाभाविक है कि वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्होंने प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

किसानों को किया जा रहा है परेशान
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार का मुख्य दायित्व किसानों को सम्मान और सुविधा देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने गेहूं खरीद के लिए लागू बायोमेट्रिक प्रणाली को तुरंत खत्म करने की मांग की। उनका कहना है कि यह व्यवस्था किसानों के लिए सुविधा नहीं बल्कि एक अतिरिक्त बोझ बन गई है, जिससे मंडियों में लंबा इंतजार और अव्यवस्था बढ़ रही है।

किसानों से मिल रही “अनावश्यक जटिलताएं” से परेशानी की शिकायतें

हुड्डा ने आगे कहा कि पूरे प्रदेश की मंडियों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास, गारंटर, बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नंबर और वेरिफिकेशन जैसी शर्तों को उन्होंने “अनावश्यक जटिलताएं” बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों के कारण किसान अपनी फसल बेचने के लिए कई दिनों तक इंतजार करने को मजबूर हैं। साथ ही उन्होंने खराब फसल के लिए स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पहले हरियाणा कानून-व्यवस्था, खेल, प्रति व्यक्ति आय और रोजगार जैसे क्षेत्रों में देश में अग्रणी था, लेकिन आज हालात बदतर होते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और व्यापारी ही हरियाणा को आगे लेकर आए थे, लेकिन मौजूदा हालात उनकी उम्मीदों के विपरीत हैं।