जालंधर। एक तरफ तो सख्त कानून है कि छोटी आयु की आयु में बाल विवाह करना जुर्म है और ऐसा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई परिजनों पर भी हो सकती है। शादी करने वाली युवती और लड़के की आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत दूसरे राज्यों में इस कानून की धज्जियां उठाई जा रही है।
ऐसा ही मामला सामने आया है जब सिविल अस्पताल में 15 साल की नाबालिग की डिलवरी हुई और उसने बेटी तो जन्म दिया। यह देखकर महिला डाक्टर व स्टाफ भी हैरान हुआ और तुरंत इस मामले की जानकारी थाना नंबर 1 की पुलिस को दी।
थाना नंबर 1 में तैनात एएसआई कुलविंदर सिंह भी अस्पताल पहुंचे और घर वालों के ब्यान दर्ज किए। हालांकि केस यू.पी. का होने के कारण पुलिस इस में कुछ न कर सकी, क्योंकि बाल विवाह यू.पी. में हुआ था। जानकारी के मुताबिक करीब 1 साल पहले युवती की जब आयु 14 साल की थी तो उसका यू.पी. में विवाह करीब 16 साल के युवक के साथ हुआ। दोनों प्रवासी जोड़ा शादी के बाद जालंधर आया और न्यू सब्जी मंडी मकसूदा के पास झुगी-झुपडियों में परिवार समेत रहने लगा।

इसी बीच नाबालिग गर्भवती हुई और प्रसव पीडा अधिक होने के चलते सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा अस्पताल में दाखिल हुई। जहां महिला ने 21 दिसम्बर को बेटी को जन्म दिया। हालांकि नाबालिग तथा युवक के परिजनों ने कोई कार्रवाई नहीं करवाने के बाबत पुलिस को कहा है। अब सोचने वाली बात है कि यू.पी. में अभी भी बाल विवाह हो रहे हैं। शादी के पश्चात दम्पति वहां से पंजाब की तरफ आकर जहां सरकारी अस्पतालों में डिलवरी करवा रहे हैं।
- स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन क्रेन हादसा: प्लांट की जांच में गंभीर सुरक्षा खामियां उजागर, क्रेन संचालन पर लगा प्रतिबंध
- अमृतसर में स्वाइन फ्लू के 2 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 2 आइसोलेशन वार्ड में 40 बेड तैयार
- CM देवेंद्र फडणवीस ने CJP-कांग्रेस पर बोला हमला, कहा- चेहरे बदल कर कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम करती है
- महतारी वंदन योजना पर सरकार का नया प्लान ! अब दिव्यांग महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को भी मिलेगा लाभ, पोर्टल दोबारा खोलने की तैयारी
- पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद रिक्रूटर ढेर ! सिर में सटाकर मारी गई गोली, वीडियो पर ये बोले भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी


