Technology Desk: मौसम का हाल जानने के लिए अब मौसम विभाग की वेबसाइट या अलग-अलग ऐप्स पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है। Google ने अपना नया WeatherNext 3 AI मॉडल पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह उसका अब तक का सबसे एडवांस और सटीक ग्लोबल वेदर मॉडल है।
WeatherNext 3 रियल-टाइम मौसम डेटा और जियोस्टेशनरी सैटेलाइट्स से मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल करता है। यह हर घंटे मौसम का नया अनुमान तैयार कर सकता है। Google के मुताबिक, इस मॉडल का इस्तेमाल Google Search, Gemini, Google Maps, Google Maps Platform और Google Earth Engine जैसी सेवाओं में मौसम की जानकारी देने के लिए किया जाएगा।

पहले से ज्यादा डिटेल में बताएगा मौसम
WeatherNext 3 की सबसे बड़ी खासियत इसका हाई-रेजोल्यूशन फोरकास्ट है। Google के मुताबिक, यह 5 किलोमीटर के रिजोल्यूशन पर तापमान और नमी जैसी जानकारी का अनुमान लगा सकता है। जमीन से जुड़ी जानकारी करीब 10 किलोमीटर और हवा की रफ्तार जैसी वायुमंडलीय जानकारी 25 किलोमीटर के रिजोल्यूशन पर ट्रैक की जा सकती है।
Google का कहना है कि WeatherNext 3 पिछले मॉडल WeatherNext 2 की तुलना में करीब 5 गुना ज्यादा डिटेल वाली ग्लोबल वेदर तस्वीर देता है। पुराने मॉडल में 25 किलोमीटर ग्रिड पर हर 6 घंटे में मौसम का अनुमान मिलता था, जबकि नया मॉडल हर घंटे अपना डेटा अपडेट कर सकता है।
तूफान और अचानक बारिश को ट्रैक करना होगा आसान
WeatherNext 3 हर घंटे नया फोरकास्ट तैयार करता है। इससे तूफान, चक्रवात और अचानक होने वाली बारिश जैसी तेजी से बदलने वाली मौसमी घटनाओं पर नजर रखना आसान हो सकता है। Google के अनुसार, पुराने न्यूमेरिकल वेदर मॉडल्स में मौसम के डेटा को अपडेट करने में कई घंटे लग सकते थे। WeatherNext 3 सीधे लाइव जियोस्टेशनरी सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल करता है। इससे मॉडल को मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी मिलती रहती है।
पहाड़ और समुद्री इलाकों के लिए भी उपयोगी
मौसम का अनुमान सिर्फ सैटेलाइट डेटा के आधार पर नहीं लगाया जाता। WeatherNext 3 जमीन पर मौजूद वेदर स्टेशनों से मिलने वाले डेटा का भी इस्तेमाल करता है। इससे पहाड़ों, घाटियों और समुद्र के किनारे जैसे इलाकों में मौसम का बेहतर अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है। Google के मुताबिक, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक जैसे क्षेत्रों में इसका फायदा ज्यादा हो सकता है।
बारिश का अनुमान भी ज्यादा सटीक होने का दावा
Google ने WeatherNext 3 को NASA के IMERG रेनफॉल डेटा और अपने ग्लोबल प्रेसिपिटेशन डेटाबेस की मदद से ट्रेन किया है। कंपनी के टेस्ट के मुताबिक, शुरुआती समय के फोरकास्ट में इस मॉडल ने IMERG के मुकाबले 60%, MRMS के मुकाबले 30% और रेन गेज रीडिंग के मुकाबले 10% तक बेहतर स्कोर किया।
सोलर और विंड एनर्जी में भी मिलेगा फायदा
WeatherNext 3 को सिर्फ आम मौसम की जानकारी के लिए ही नहीं, बल्कि सोलर और विंड एनर्जी की प्लानिंग के लिए भी तैयार किया गया है। यह 100 मीटर की ऊंचाई पर हवा की स्पीड, बादलों की स्थिति और सोलर रेडिएशन का अनुमान लगा सकता है। इससे विंड और सोलर एनर्जी कंपनियों को यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी समय कितनी बिजली पैदा की जा सकती है।
Google की सर्विस में मिलेगा WeatherNext 3
Google अब WeatherNext 3 को अपनी कई सेवाओं में शामिल कर रहा है। कंपनी का कहना है कि लोग जब एक या दो दिन पहले किसी यात्रा या दूसरे काम की प्लानिंग करेंगे, तो उन्हें बारिश का अनुमान पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक मिल सकता है। Google के अनुसार, कुछ मामलों में बारिश के फोरकास्ट की सटीकता 50% तक बेहतर हो सकती है। इससे खासतौर पर उन इलाकों में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराना पहले मुश्किल था।
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