हेमंत शर्मा, इंदौर। महिला थाना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवक की आत्महत्या के बाद उसके परिवार ने महिला थाना की सब इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दहेज प्रताड़ना के मामले में काउंसलिंग के दौरान 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत नहीं देने पर झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई और इसी कथित प्रताड़ना से परेशान होकर युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्या हैं शिकायतकर्ता के आरोप?

शिकायतकर्ता कमलेश राठौड़ ने पुलिस कमिश्नर को दिए आवेदन में बताया कि उनके छोटे भाई राजीव राठौड़ की शादी 1 दिसंबर 2025 को शिवानी राठौड़ से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पत्नी और उसके मायके पक्ष की ओर से विवाद शुरू हो गया। शिकायत में दावा किया गया है कि शिवानी राठौड़, उसके पिता उत्तम राठौड़, माता रीता राठौड़ और भाई गौतम राठौड़ ने 50 लाख रुपये और संपत्ति अपने नाम करने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर पूरे परिवार को झूठे दहेज प्रकरण में फंसाने और समाज में बदनाम करने की धमकी दी गई।

सब इंस्पेक्टर पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप

शिकायत में महिला थाना की सब इंस्पेक्टर खुशबू परमार पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि काउंसलिंग के दौरान उनकी बात नहीं सुनी गई और मामले में समय देने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि रकम नहीं देने पर दहेज प्रताड़ना का झूठा मामला दर्ज करवा दिया गया।

‘मानसिक दबाव में था राजीव’

परिवार का आरोप है कि झूठे केस, लगातार धमकियों और सामाजिक बदनामी के कारण राजीव राठौड़ मानसिक रूप से टूट गया था। शिकायत में कहा गया है कि राजीव कई बार अपने परिवार से कहता था कि उसके साथ अन्याय हुआ है और उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। परिजनों के अनुसार 6 जुलाई 2026 को राजीव ने जहर खा लिया। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह आत्महत्या लगातार मानसिक प्रताड़ना का परिणाम है।

पुलिस कमिश्नर से की कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि महिला थाना की सब इंस्पेक्टर खुशबू परमार की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक की पत्नी और उसके मायके पक्ष की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। Lalluram.com से बातचीत में खुशबू परमार ने बताया हमने नियम अनुसार कार्रवाई की है पीड़िता ने जो बताया था उसके आधार पर मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई थी जो भी आरोप लगाए जा रहे हो झूठे और बेबुनियाद हैं

अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस कमिश्नर को दिए गए आवेदन में लगाए गए हैं। इन आरोपों पर महिला थाना पुलिस, सब इंस्पेक्टर खुशबू परमार तथा शिकायत में नामजद अन्य पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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