अमृतसर। खाड़ी देश देशों में चल यह युद्ध का असर अब श्री दरबार साहिब में भी नजर आ रहा है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाते हैं, जिसके बाद संगत को गुरु के आशीर्वाद के तौर पर सिरोपा भेंट किया जाता है। यहां से न सिर्फ श्री दरबार साहिब बल्कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तहत आने वाले दूसरे गुरुद्वारों में भी सिरोपे सप्लाई किए जाते हैं, लेकिन इस बार सिरोपे केलिए उपयोग होने वाले कपड़े की सप्लाई पूरी नहीं हो पाई है।
जानकारी मिली है कि साल के आखिरी दिनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक फर्म को 1 लाख मीटर कपड़े का ऑर्डर दिया गया था लेकिन फर्म ने अब तक सिर्फ़ 19,000 मीटर कपड़ा ही दिया है। फर्म के मुताबिक, सिरोपा तैयार करने के प्रोसेस में इस्तेमाल होने वाला खास ‘केमिकल’ इरान से आता है, जो अभी जंग की वजह से बंद है। इस वजह से फर्म ने पूरा ऑर्डर समय पर डिलीवर करने में अपनी असमर्थता जताई है।

इस बारे यह भी खबर आई है कि लंगर और संगत की आमद पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन सिरोपों की कमी एक चुनौती बन गई है। फिर भी मैनेजमेंट मौजूदा स्टॉक के जरिए संगत को आशीर्वाद के तौर पर सिरोपा देने की परंपरा को जारी रखने की कोशिश कर रहा है।
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