पटना। बिहार के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक के बाद एक कई झटके लग रहे हैं। इसी कड़ी में अब पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और सीतामढ़ी के पूर्व सांसद अर्जुन राय ने RJD से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। रविवार को मुजफ्फरपुर शहर के चांदनी चौक स्थित अपने निजी आवास पर एक विशेष प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी छोड़ने के इस बड़े फैसले की आधिकारिक घोषणा की।
सोमवार को आधिकारिक रूप से बीजेपी में होंगे शामिल
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अर्जुन राय ने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ RJD से अलग ही नहीं हो रहे हैं, बल्कि आगामी सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उन्होंने अपनी इस राजनीतिक पारी के बदलाव के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और बिहार में पार्टी के प्रदेश संगठन के कामकाज से बेहद प्रभावित हैं। उनका मानना है कि वर्तमान में देश और प्रदेश का सही दिशा में विकास केवल एनडीए (NDA) के साथ ही संभव है।
मोदी सरकार के फैसलों की सराहना
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अर्जुन राय ने केंद्र सरकार के कई ऐतिहासिक फैसलों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने विशेष तौर पर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के साहसिक निर्णय का समर्थन किया। इसके अलावा, उन्होंने बिहार में पंचायत चुनाव से पहले प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का भी स्वागत किया। अर्जुन राय ने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार पूरी तरह से जनहित और सुशासन के रास्ते पर चलकर बेहतरीन कार्य कर रही है, जिससे समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है।
आगामी चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा गहरा असर
सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखने वाले अर्जुन राय का यह कदम आने वाले दिनों में बिहार की सियासत को नया मोड़ दे सकता है। उनके भाजपा में शामिल होने से मिथिलांचल और तिरहुत क्षेत्र के चुनावी समीकरणों पर सीधा और गहरा असर पड़ सकता है। आगामी चुनावों के मद्देनजर इसे RJD के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।


