कुंदन कुमार, पटना। ​पटना में राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त काफी तेज हो गई जब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एनडीए गठबंधन और स्थानीय प्रशासन पर बेहद गंभीर और बड़े आरोप लगाए। प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि राज्य में एनडीए के लोग जीविका दीदी का राजनीतिक और गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और यह भय दिखाया जा रहा है कि यदि उन्होंने एनडीए के पक्ष में मतदान नहीं किया, तो उन्हें सरकारी योजनाओं के मिलने वाले लाभों से वंचित कर दिया जाएगा।

​पटना के जिलाधिकारी पर भी खड़े किए सवाल

​प्रशांत किशोर का गुस्सा यहीं नहीं रुका, उन्होंने पटना के जिलाधिकारी (DM) की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के मुखिया भी ट्वीट कर जीविका दीदी के सिस्टम का बेजा इस्तेमाल करने में लगे हुए हैं। प्रशासन और सत्ताधारी दल की इस कथित मिलीभगत के खिलाफ उन्होंने तीखा आक्रोश व्यक्त किया।

​चुनाव आयोग से दूसरी बार शिकायत और 24 घंटे का अल्टीमेटम

​प्रशांत किशोर ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले को लेकर वे और उनके सहयोगी पहले भी दो बार चुनाव आयोग से मिल चुके हैं और अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आज वे एक बार फिर इस सिलसिले में चुनाव आयोग से शिकायत करने जा रहे हैं।
​उन्होंने चुनाव आयोग को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 24 घंटे के भीतर जीविका दीदी के कैडर को पूरी चुनाव प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया, तो उनके कार्यकर्ता और वे खुद कल चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।

कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने और होटलों में छापेमारी का आरोप

प्रशांत किशोर ने आगे यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें बेवजह डराया और धमकाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि होटलों में ठहरने वाले उनके लोगों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
​उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि यदि भाजपा के लोग भी होटलों में ठहरे हुए हैं, तो क्या पुलिस और प्रशासन के लोग जाकर उनसे भी उसी तरह की पूछताछ कर रहे हैं जैसी उनके लोगों से की जा रही है? उन्होंने दावा किया कि चुनाव नजदीक आते देख भाजपा और एनडीए के लोग पूरी तरह से डरे हुए हैं, और इसी डर के कारण वे प्रशासन का दुरुपयोग करवाकर उनके कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करवा रहे हैं।