कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी ने हालिया राजनीतिक बयानों और राज्य में चल रहे विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है और वहां पर सुचारू रूप से चर्चा होनी चाहिए। मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि सदन के भीतर वरिष्ठ और अनुभवी सदस्यों की बातों को विपक्ष को गंभीरता और शालीनता के साथ सुनना चाहिए। केवल सदन में बेवजह का हंगामा करने और व्यवधान उत्पन्न करने से राज्य की जनता के मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकल सकता है।
हाल ही में राज्य में गरमाए छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनों के संदर्भ में बोलते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने भी अपने छात्र जीवन में राजनीति की है और छात्रों की भावनाओं को भली-भांति समझते हैं। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में छात्र आंदोलनों का स्वरूप बदल रहा है। आंदोलनों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व और उपद्रवी किस्म के लोग भीतर घुसपैठ कर रहे हैं। ये लोग छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर माहौल बिगाड़ रहे हैं, जो सीधे तौर पर मारपीट, तोड़फोड़ और पुलिस बल पर पत्थरबाजी जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सरकार इस प्रकार की अराजकता को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
मंत्री ने लोकतंत्र में विरोध जताने के अधिकारों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि किसी संगठन या दल को कोई मांग रखनी है और वे इसके लिए भारत बंद का आह्वान करना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करने से किसी ने नहीं रोका है। देश और राज्य में हर किसी को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। अपनी मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक सीमाओं के भीतर रहकर प्रदर्शन करना संविधान सम्मत है।
इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विरोध प्रदर्शन के नाम पर किसी ने भी कानून को अपने हाथ में लिया, सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, अथवा फिर से किसी प्रकार का उपद्रव या हिंसा फैलाई, तो प्रशासन मूकदर्शक नहीं रहेगा। राज्य प्रशासन ऐसे असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने आम नागरिकों और छात्रों से भी अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और राज्य में शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।


