कुंदन कुमार/​पटना। बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष और राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की लंबी अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की नीतियों का पुरजोर बचाव किया।

​तेजस्वी यादव की चुप्पी पर सवाल

​अशोक चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लंबे समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी का गायब रहना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का आंतरिक विषय है, लेकिन जनता सब देख रही है। चौधरी ने कटाक्ष करते हुए कहा चुनाव सिर पर हैं उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। वे बाहर घूम रहे हैं यह जनता भी जान रही है कि वे किस तरह के नेता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में तेजस्वी को जनता के बीच होना चाहिए था।

​पंचायतों में टैक्स: विकास की नई राह

​विपक्ष द्वारा पंचायतों पर लगाए जा रहे नए टैक्स को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश पर मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के शासनकाल में विकास के बजाय केवल विवादों की चर्चा होती थी। चौधरी ने कहा पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके संसाधनों को मजबूत करने के लिए ही यह कर प्रणाली लागू की गई है। इसका एकमात्र उद्देश्य जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देना है।

​वन नेशन-वन इलेक्शन पर मुहर

​वन नेशन-वन इलेक्शन के बहुचर्चित मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए मंत्री ने कहा कि यह एक स्वागतयोग्य और सकारात्मक पहल है। उन्होंने तर्क दिया कि बार-बार होने वाले चुनावों से न केवल सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ता है बल्कि विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग को तैयारियों के लिए छह महीने का समय चाहिए तो यह तर्कसंगत है।

​एनकाउंटर और संगठन पर स्टैंड

​बंटी यादव एनकाउंटर के सवाल पर चौधरी ने साफ कहा कि बिहार में कानून का राज है। पुलिस अपराधियों के खिलाफ नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रही है। वहीं अपने करीबी छोटू सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने के फैसले पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और भविष्य में पुनर्विचार की स्थिति आने पर पार्टी ही अंतिम निर्णय लेगी।