कुंदन कुमार/पटना। बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

​बड़बोलेपन से नहीं, जनता के विश्वास से जीते जाते हैं चुनाव

​राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रशांत किशोर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उपचुनाव केवल बड़े-बड़े दावों से नहीं जीते जा सकते। उन्होंने कहा प्रशांत किशोर का अंदाज बड़बोलेपन का है लेकिन इससे चुनाव में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कई दावे किए थे जिन्हें जनता ने सिरे से नकार दिया और उनकी सारी हवा निकाल दी थी।
​तिवारी ने आगे कहा कि इस बार भी प्रशांत किशोर अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन उन्हें जमीनी हकीकत समझनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव केवल रणनीति या दावों से नहीं बल्कि जनता के अटूट विश्वास और आशीर्वाद से जीते जाते हैं। राजद प्रवक्ता का यह बयान उपचुनाव में पीके की बढ़ती सक्रियता और उनके द्वारा किए जा रहे चुनावी वादों पर कटाक्ष है।

​अपराध बढ़ा है, निर्दोषों का एनकाउंटर न हो

​राज्य में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर मृत्युंजय तिवारी ने सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार में आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं और सरकार को इस सच को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा जब सरकार अपराध को मानती है, तभी तो पुलिस को एनकाउंटर जैसी कड़ी कार्रवाई करनी पड़ रही है।
​एनकाउंटर के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि राजद अपराध रोकने के लिए की गई कार्रवाई के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसमें पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी का खात्मा जरूर हो लेकिन पुलिस की कार्रवाई में कोई निर्दोष शिकार नहीं होना चाहिए। कानून का पालन हो लेकिन निर्दोषों की बलि नहीं चढ़नी चाहिए।
​राजद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में अपराध का मुद्दा उपचुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। एक तरफ विपक्ष सरकार को घेर रहा है तो दूसरी तरफ चुनावी रणनीतिकारों की सक्रियता ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।