लखनऊ. समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने BRICS सम्मेलन के दौरान विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां के मुख्यमंत्रियों को आयोजन में आमंत्रित नहीं किया गया. हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विपक्षी राज्यों के कई मुख्यमंत्री आमंत्रित होने के बावजूद सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए थे.

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अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप

अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्षी मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति भाजपा की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को दिखाती है. उनका आरोप है कि केंद्र सरकार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को समान रूप से सम्मान और भागीदारी देनी चाहिए थी. सपा सांसद ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संघीय ढांचे से जोड़ते हुए सवाल उठाया.

क्या गैर-BJP मुख्यमंत्रियों को बुलाया ही नहीं गया था?

रिपोर्ट के अनुसार BRICS से जुड़े कार्यक्रमों में कई विपक्षी राज्यों के नेताओं को आमंत्रण दिया गया था, लेकिन केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री/प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए. इनमें केरल के वी.डी. सतीशन, तमिलनाडु के विजय, कर्नाटक के डी.के. शिवकुमार, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी और हिमाचल के सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम सामने आए हैं

12-13 सितंबर को दिल्ली में हुआ 18वां BRICS सम्मेलन

भारत ने 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की. 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. सम्मेलन की थीम ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ थी. बता दें कि BRICS अब 11 सदस्यीय समूह है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया शामिल हैं; सऊदी अरब को आमंत्रित किया गया है, लेकिन उसकी सदस्यता की स्थिति अलग है.

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वैश्विक मुद्दों से लेकर व्यापार तक हुई चर्चा

सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, AI, जलवायु और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. पश्चिम एशिया और अन्य संघर्षों पर भी नेताओं ने चिंता जताई.