अनिल शर्मा, बराड़ा. आगामी मानसून सीजन को देखते हुए बराड़ा उपमंडल प्रशासन ने बाढ़ एवं जलभराव जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपमंडल अधिकारी (ना.) बराड़ा सतीन्द्र सिवाच ने लघु सचिवालय के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर मानसून के दौरान अधिक वर्षा की स्थिति में संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने हेतु किए जा रहे प्रबंधों एवं तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए एसडीएम ने कहा कि आपदा के समय आपसी समन्वय, साहस, समझबूझ और दक्षता से जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

एसडीएम सतीन्द्र सिवाच ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपमंडल के संभावित बाढ़ प्रभावित एवं जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां समय रहते पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायत विभाग, नगर पालिका, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, मार्किटिंग बोर्ड, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नालों, नालियों और सीवरेज लाइनों की सफाई का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक्शन प्लान तैयार कर तय समय सीमा में सफाई एवं जल निकासी से संबंधित कार्यों को पूरा करें।

बैठक में उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित खतरे वाले स्थानों पर ठोकरों एवं तटबंधों की सुरक्षा मजबूत की जाए तथा पानी की निकासी के लिए पंपों की व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखी जाए। इसके साथ ही सड़कों एवं रास्तों पर बने गड्ढों को तुरंत भरने तथा पुलियों एवं पुलों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग तथा मार्किटिंग बोर्ड अपनी-अपनी सड़कों की पुलियों और पुलों की सफाई समय पर करवाना सुनिश्चित करें।

एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए नौकाओं, गोताखोरों तथा आवश्यक संसाधनों को मुस्तैद रखा जाए। उन्होंने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि संचार व्यवस्था को मजबूत रखा जाए ताकि लोगों को संभावित बाढ़ के खतरों की पूर्व सूचना समय पर उपलब्ध करवाई जा सके।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, मेडिकल उपकरणों एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग को बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त पंप उपलब्ध रखने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया। पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में जहां बरसात के दौरान पानी भरने की समस्या रहती है, वहां स्थायी समाधान के लिए कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।

एसडीएम ने कहा कि प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा तथा सभी विभागों को अपने-अपने कार्य समय पर पूर्ण करने होंगे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि आमजन को मानसून के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और सामान्य जनजीवन सुचारू रूप से चलता रहे।

इस अवसर पर नायब तहसीलदार बराड़ा आलमगीर, नायब तहसीलदार मुलाना सतीन्दर कुमार, जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग से एसडीओ सुभाष चंद्र एवं जेई दीपक, पंचायती राज से एसडीओ नरेश कुमार एवं नवरोज सिंह, पीडब्ल्यूडी से जेई तेजस्व, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सुमन एवं डॉ. अमित कुमार, एसईपीओ शुभम, नगर पालिका बराड़ा से बिमल, बिजली बोर्ड से मोहिंदर कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।