चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी
पार्टी के बीच चल रही बयानबाजी में ‘गुरु के बाज’ को लेकर लगातार तंज कसा जा रहा है. इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुखबीर बादल पर जोरदार कटाक्ष किया है. उन्होंने बादल के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वहां उड़ने वाले बाज को बादल परिवार पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोपों से जोड़ा.

उन्होंने कहा कि बेअदबी करने वाले को गुरु उनके बचाव के लिए अपना बाज क्यों भेजेंगे. उनका इशारा 2015 में अकाली दल-बीजेपी सरकार के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं की ओर था.

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. दरअसल 13 अगस्त को नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर कथित हमले के बाद हरसिमरत कौर बादल ने एक बाज के दिखाई देने को धार्मिक आस्था से जोड़ दिया था. उनका दावा था कि गुरु ने सुखबीर की रक्षा के लिए अपना बाज भेजा था.

उन्होंने कई रैलियों में सुखबीर के हाथ पर लगे गहरे घाव और टांकों की तस्वीरें भी दिखाईं. हरसिमरत ने बताया था कि उनके बच्चों ने अस्पताल के बाहर आसमान में लगातार एक बाज को चक्कर लगाते देखा. उन्होंने इसे गुरु की ओर से परिवार की रक्षा का संकेत बताते हुए कहा कि जब ‘बाजवाला’ उनकी रक्षा के लिए मौजूद है, तो उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है.

हरसिमरत के इस दावे के बाद इसमें चर्चा तेज हो गई है. इस बयान पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषणों में जमकर तंज कसा. मान ने कहा कि अस्पताल के बाहर उड़ रहा पक्षी सुखबीर बादल की रक्षा के लिए नहीं आया था, बल्कि शायद अपने अंडों की सुरक्षा के लिए वहां मंडरा रहा था. मान ने तंज कसते हुए यहां तक कहा कि संभव है कि पूर्व डिप्टी सीएम ने अंडों में भी ‘बिजनेस का हिस्सा’ मांग लिया हो. मुख्यमंत्री लंबे समय से बादल परिवार पर पंजाब में ट्रांसपोर्ट, रेत और केबल टीवी जैसे कारोबार पर राजनीतिक प्रभाव रखने के आरोप लगाते रहे हैं. मान ने हाल के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रमों में बाज के बहाने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यह भी स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल के बाहर दिखाई देने वाला पक्षी वास्तव में बाज था. कुछ लोग उसे कौआ या चील भी बता रहे हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर वह बाज था भी, तो जरूरी नहीं कि वह बादल परिवार की रखवाली के लिए आया हो…हो सकता है कि पास में मादा पक्षी ने अंडे दिए हों और वह अपने घोंसले की सुरक्षा के लिए वहां आया हो.