चिकित्सकों की कथित लापरवाही से बेजुबान पशुओं की मौत का लगाया था आरोप, संजय परमार बोले- अबकी बार अनदेखी हुई तो होगी आर-पार की लड़ाई


अजय सैनी, भिवानी। पशुपालन विभाग की कथित लापरवाही और बेसहारा पशुओं के लिए आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की कमी के विरोध में गोरक्षा दल भिवानी की ओर से उपायुक्त कार्यालय, लघु सचिवालय के समक्ष चल रहा धरना देर रात प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार के नेतृत्व में चल रहे धरने के दौरान अधिकारियों ने बेजुबान पशुओं के उपचार के लिए 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

धरना स्थल पर पहुंचे पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत और नगर परिषद के डीएमसी हरबीर सिंह एचसीएस ने गोरक्षा दल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नगर परिषद की ओर से बेजुबान पशुओं के तत्काल उपचार और देखभाल के लिए 24 घंटे दो चिकित्सकों की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आपातकालीन स्थिति में विभाग के पास कॉल आने पर चिकित्सक को तत्काल मौके पर भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया।

प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद गोरक्षा दल ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इसी दौरान पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने तथा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए।

धरना समाप्त होने के बाद गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने कहा कि बेजुबान और लाचार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की लगातार सामने आ रही लापरवाही और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के अभाव के खिलाफ गोरक्षा दल को धरना शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

संजय परमार ने कहा कि फिलहाल पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत और नगर परिषद के डीएमसी हरबीर सिंह द्वारा 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। इसी आश्वासन के सम्मान में गोरक्षा दल ने अपना धरना समाप्त किया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में बेजुबान पशुओं के इलाज में दोबारा लापरवाही सामने आती है या तय व्यवस्था लागू नहीं की जाती, तो गोरक्षा दल चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि “अबकी बार अनदेखी हुई तो आंदोलन केवल धरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।”

गौरतलब है कि बीते दिनों भिवानी के सेक्टर-13 में सुबह कुत्तों के हमले में एक बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर गोरक्षा दल के सदस्य उसे उपचार के लिए पॉलीक्लिनिक भिवानी लेकर पहुंचे, लेकिन वहां सुबह मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला। गोरक्षा दल का आरोप है कि समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण बछड़े की मौत हो गई।

इसी तरह बामला गांव में सुबह करीब 5 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुए एक सांड को भी समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी और उसकी मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं के बाद गोरक्षा दल के सदस्यों में आक्रोश फैल गया। पशुपालन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए संगठन ने उपायुक्त लघु सचिवालय के समक्ष धरना शुरू किया था। अब प्रशासन की ओर से 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m