राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में भर्ती का पूरा पैटर्न बदलने जा रहा है। हर विभाग में भर्ती से पहले पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। सरकारी नौकरी के लिए भर्ती नियमों में संशोधन होने जा रहा है। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। पांच जून तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई है। सुझाव और आपत्तियों के बाद नए नियम जारी होंगे।
कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव किया जाएगा। इसे लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पांच जून तक सुझाव और आपत्तियां मांगी है। इसके बाद नए नियम जारी होंगे। बताया जा रहा है कि नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी है। नियम लागू होते ही सरकारी नौकरी में भर्तियों का पैटर्न बदल जाएगा। हर विभाग में भर्ती से पहले पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य हो जाएगा।
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हर साल तीन तरह की पात्रता परीक्षा
नए ड्राफ्ट के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया अब पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड सिस्टम पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा। पहली सामान्य पात्रता परीक्षा, दूसरी तकनीकी पात्रता परीक्षा और तीसरी शिक्षक पात्रता परीक्षा… पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक पाने वाले को ही स्कोर कार्ड मिलेगा। सरकारी नौकरी निकलने पर स्कोर कार्ड धारक आवेदन कर सकेगा।
स्कोर कार्ड की वैलिडिटी
सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के अगले दो साल 31 दिसंबर तक वैध रहेगा। यानी करीब ढाई साल… शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
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मप्र में भर्तियों की स्थिति
- अब तक सालभार में छह से 12 भर्ती परीक्षाएं निकलती आई हैं।
- अभी किसी विभाग में भर्ती निकलने पर परीक्षा से लेकर नियुक्तियों तक एक साल से दो साल तक का समय लग रहा है।
- प्रदेश में औसत हर साल 30 से 40 हजार सरकारी पदों पर भर्तियां हो रही हैं।
- सबसे अधिक शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में वैकेंसी खाली हैं।
कांग्रेस ने बताया युवाओं को धोखा देने की नीति
वहीं इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने कहा कि पहले व्यापमं का नाम बदला और अब परीक्षा कराने का पैटर्न, लेकिन रोजगार कभी नहीं मिला। अब नया पैटर्न बदलकर पात्रता परीक्षा लाए हैं। युवाओं को धोखा देने की नीतियां आ रही हैं। स्टूडेंटस के साथ धोखा हो रहा है।
बीजेपी ने कही ये बात
भाजपा प्रवक्ता डॉ दुर्गेश केसवानी ने कहा कि कांग्रेस ने तो कभी भर्तियां नहीं की। भर्तियां की भी तो परीक्षाओं में गड़बड़ियां होती थी। बीजेपी सरकार लगातार सभी मामलों में अपडेट कर रही है। शत प्रतिशत पादर्शिता के साथ काम हो रहा है। भर्ती से पहले अब पात्रता परीक्षा होगी। इससे सरकारी भर्तियों में और अधिक पारदर्शिता आएगी।

