कुंदन कुमार, पटना। मानसून सत्र के अंतिम दिन आज सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 1 बजे एक बार फिर से शुरू हुआ। शून्य काल के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने स्कूल के नाम परिवर्तन से जुड़ा सवाल उठाया। उन्होंने स्कूल निर्माण के लिए जमीन दान करने वाले, स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी का नाम हटाकर स्कूलों के नए नामकरण का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि, बिहार सरकार मॉडल स्कूल के नाम पर सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय का नामकरण कर रही है।
सत्ता पक्ष ने उठाया प्रमोशन में आरक्षण का मामला
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विधानसभा में प्रमोशन में आरक्षण का मामला भी उठाया। जेडीयू के मनीष कुमार ने सवाल पूछा कि, जो भी वैकेंसी निकल रहा है, उनमें अनुसूचित जाति के लिए निर्धारित 16% आरक्षण के विरुद्ध शून्य अत्यंत न्यूनतम रिक्तियां दर्शाया जाता है। उन्होंने कहा कि, सरकार की ओर से उच्चतर प्रभार देने वाली भर्तियों में भीएससी-एसटी के लिए 17% फ्रिज किया जाता है।
मंत्री बिजेंद्र यादव ने दिया दरोगा बहाली का उदाहरण
इस पर मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सरकार फैसला ली है और रिएक्शन में एससी-एसटी के लिए जो आरक्षण है। वही दिया जा रहा है। इस दौरान बिजेंद्र यादव ने कई बहालियों के विज्ञापन का जिक्र भी किया, जैसे दरोगा में 10,508 पद पर बहाली हो रही है। उसमें से 1471 पद एससी-एसटी के लिए है।
मंत्री ने श्याम रजक को लगाई डाट
सत्ता पक्ष के श्याम रजक और अन्य दलित विधायकों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाया और कहा कि, केंद्र सरकार में इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलितों के लिए फैसला ले रहे हैं, तो यहां भी लिया जाना चाहिए।
तब मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि, बैठकर विचार करेंगे। इस दौरान उन्होंने श्याम रजक को डाटा की आप भी मंत्री रहे हैं। बैठ कर बात करेंगे।
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