कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार ने हालिया कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और आधारभूत संरचना को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई है। सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 25 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जो राज्य के परिवहन, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और पर्यटन का विस्तार
राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भागलपुर, राजगीर, रोहतास और कैमूर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। भागलपुर में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम ‘अजगैबीनाथ धाम’ होगा, जिस पर ₹1329.58 करोड़ की लागत आएगी। इसके साथ ही, सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित माता सीता जन्मस्थली को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। कैबिनेट ने इसके लिए 50.89 एकड़ भूमि मंदिर न्यास समिति को निःशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दे दी है।
पंचायतों को मिली टैक्स वसूली की शक्ति
बिहार में पहली बार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। अब पंचायतें स्वयं टैक्स वसूल सकेंगी। इसके तहत भवन कर, कमर्शियल लैंड टैक्स, सिनेमा, होर्डिंग्स, व्यापार कर, पेयजल, हाट और कूड़ा उठाव जैसे क्षेत्रों से राजस्व जुटाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की अपनी आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए उनकी राज्य सरकार पर निर्भरता कम होगी।
वाहन टैक्स में बढ़ोतरी
परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार ने वाहन करों में बदलाव किया है। दोपहिया वाहनों पर टैक्स में 1% की वृद्धि की गई है, जबकि तीन पहिया वाहन खरीदारों को अतिरिक्त 1,000 चुकाने होंगे। कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स में 4% की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, डीलरों और निर्माताओं के लिए ट्रेड टैक्स को चार गुना तक बढ़ा दिया गया है।
- अन्य प्रमुख प्रशासनिक निर्णय
- महिला सुरक्षा: महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1,500 स्कूटी (1,000 पेट्रोल और 500 इलेक्ट्रिक) खरीदी जाएंगी।
- मानदेय में वृद्धि: जेलों में कार्यरत भूतपूर्व सैनिक-सह-कक्षपालों का मासिक मानदेय 19,800 से बढ़ाकर 30,000 कर दिया गया है। कैदी की मृत्यु पर आश्रितों को मुआवजा देने का भी प्रावधान किया गया है।
- पंचायत चुनाव 2026: आगामी पंचायत चुनाव 2011 की जनगणना के आधार पर नए परिसीमन के साथ संपन्न होंगे।
- तकनीकी विकास: ‘बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के गठन को मंजूरी मिली है, जो राज्य में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा।
इन फैसलों के साथ ही सरकार ने समेकित थारूहट विकास अभिकरण की योजनाओं की अवधि को 2030-31 तक विस्तार दे दिया है, जिससे चंपारण क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

