कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दरअसल चुनाव आयोग ने जून में खाली हो रहे बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई एक रिक्त सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, इन सीटों पर 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन देर शाम नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।

बिहार विधान परिषद चुनाव का कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी। वहीं, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा। आयोग ने 20 जून तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने की समय-सीमा तय की गई है।

चुनावी बिगुल बजते ही तेज हुई हलचल

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। इसके साथ ही संभावित उम्मीदवारों और दलों की रणनीति को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। इस चुनाव को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं।

निशांत और दीपक का विधान परिषद जाना तय!

सूत्रों की मानें तो इस बार बिहार विधान परिषद चुनाव में कई नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। सियासी गलियारों में उनका नाम तेजी से चर्चा में बना हुआ है। वहीं, दूसरा नाम पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का सामने आ रहा है। इन दोनों नेताओं का विधान परिषद जाना तय माना जा रहा है।

गौरतलब है कि ये दोनों नेता बिना किसी सदन का सदस्य बने ही मंत्री पद की शपथ लिए हैं। ऐसे में नियम के अनुसार 40 दिन के अंदर इन्हें विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य बनना अनिवार्य है। निशांत और दीपक के अलावा कई और नए चेहरे इस बार विधानपरिषद पहुंच सकते हैं।

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