बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर होने वाले चुनाव से पहले सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर सियासी पारा चढ़ गया है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आगामी चुनाव में नीरज कुमार की बजाय डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने की खुलकर घोषणा कर दी है, जिससे पार्टी की अंदरूनी राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

​जहरीली शराब कांड के बीच सामने आया सियासी बयान

यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब विधायक अनंत सिंह बाढ़ के बेड़ना गांव पहुंचे थे। इस गांव में हाल ही में जहरीली शराब पीने के कारण चार लोगों की मौत हो गई थी, जिनके परिजनों से मिलने अनंत सिंह चार दिनों में दूसरी बार वहां पहुंचे थे। उनके साथ डॉ. अनुज सिंह और बाढ़ से विधायक डॉ. सियाराम सिंह भी मौजूद थे। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने के बाद, जब अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत की, तो उन्होंने आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट कर दिया।

​अनंत सिंह का ऐलान: नीरज को छोड़ अनुज का साथ

मीडिया से मुखातिब होते हुए अनंत सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह आगामी एमएलसी चुनाव में डॉ. अनुज सिंह का पूरा समर्थन करेंगे और इस बार वह नीरज कुमार का साथ नहीं देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके जितने भी समर्थक हैं, वे सभी डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में मतदान करेंगे। इस दौरान अनंत सिंह के समर्थकों ने भी नारेबाजी करते हुए कहा कि जिसके साथ ‘छोटे सरकार’ (अनंत सिंह) हैं, उसकी जीत निश्चित है। वहीं, डॉ. अनुज सिंह ने भी विश्वास जताते हुए कहा कि जब ‘दादा’ का समर्थन मिल गया है, तो फिर किसी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

​नीरज कुमार का कार्यकाल और राजनीतिक सफर

बिहार विधान परिषद के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, नीरज कुमार वर्तमान में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के एमएलसी हैं, जिनका मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। निर्वाचन आयोग ने 2026 की नियमित रिक्तियों में इस सीट को भी शामिल किया है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नियमों के तहत सामान्य मतदाता इसमें वोट नहीं डालते, बल्कि संबंधित क्षेत्र के पात्र स्नातक मतदाता ही मतदान करते हैं। इसके लिए मतदाता का उस क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और कम से कम तीन साल पहले स्नातक पास होना अनिवार्य है। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं, और इस बार उनके सामने जीत का चौका लगाने की चुनौती है, हालांकि जदयू ने अभी आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी नहीं की है।

​चुनावी समीकरण और संभावित बदलाव

मोकामा और उसके आसपास के इलाकों में अनंत सिंह का खासा राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनका डॉ. अनुज सिंह को खुला समर्थन देना और उनके समर्थकों का मैदान में उतरना चुनावी गणित को पूरी तरह बदल सकता है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि डॉ. अनुज सिंह किस दल के टिकट पर या फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे। यदि वह निर्दलीय भी उतरते हैं और अनंत सिंह का सक्रिय समर्थन उनके साथ रहता है, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो जाएगा। वैसे भी अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चाएं पहले भी सियासी गलियारों में अक्सर तैरती रही हैं।