बिहार के नागरिकों को जल्द ही बेहतर एयर कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में हवाई ढांचा तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत 2030 तक कुल 13 एयरपोर्ट पूरी तरह से काम करने लगेंगे। इससे गोपालगंज और किशनगंज जैसे छोटे जिलों के लोगों को दिल्ली व मुंबई जाने के लिए पटना या बागडोगरा नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में राज्य में पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट चालू हैं।

​चरणबद्ध विकास और प्रमुख शहर

  • ​पहला चरण: केंद्र की उड़ान योजना के तहत बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में हवाई सेवाओं का विकास किया जा रहा है। इसके लिए जून 2025 में समझौता हुआ था।
  • ​दूसरा चरण: इस चरण में गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर में आधुनिक एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे।

​सीमावर्ती और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरपोर्ट

  • ​वीरपुर एयरपोर्ट: नेपाल सीमा से मात्र 5 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट के रनवे को 3 किलोमीटर लंबा किया जा रहा है। इस पर 64.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे यहां फाइटर जेट्स और बड़े नागरिक विमान उतर सकेंगे।
  • ​किशनगंज एयरपोर्ट: चीन सीमा और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील ‘चिकन नेक कॉरिडोर’ के पास स्थित खगड़ा एयरपोर्ट के रनवे को बढ़ाकर 2.5 किलोमीटर किया जा रहा है, जिससे लड़ाकू विमानों का संचालन आसान होगा।

​क्षेत्रीय विकास और वाणिज्यिक उड़ानें

  • ​सहरसा एयरपोर्ट: 35.14 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड हो रहे इस कोड 2 बी टाइप एयरपोर्ट से 20 लाख लोगों को फायदा होगा। यहां से 15-19 सीटर विमान उड़ान भरेंगे।
  • ​मुंगेर (साफियाबाद): यहां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 1720.11 एकड़ जमीन और 773.46 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। यह नाइट लैंडिंग की सुविधा से लैस होगा।
  • ​वाल्मीकिनगर और मुजफ्फरपुर: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास 38.64 करोड़ से बनने वाले एयरपोर्ट से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट पर एटीसी और टर्मिनल भवन का निर्माण हो रहा है। मधुबनी में हेलीपोर्ट बनाया जा रहा है।

​ऐतिहासिक और मेगा प्रोजेक्ट्स

  • ​गोपालगंज (सबेया एयरपोर्ट): 1868 में अंग्रेजों द्वारा बने और द्वितीय विश्वयुद्ध में इस्तेमाल हुए इस ऐतिहासिक एयरपोर्ट को अब छोटे विमानों के लिए फिर से तैयार किया जा रहा है।
  • ​सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: पटना के पास 4,228 एकड़ में बनने वाला यह देश का तीसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। इसके दो 4.2 किमी लंबे रनवे पर दुनिया का सबसे बड़ा विमान एयरबस A380 भी उतर सकेगा।