Bilaspur News Update : बिलासपुर. थाना तोरवा पुलिस ने जमानत के लिए एक लाख रुपए की मांग करने और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर गाली-गलौज, धमकी देने के साथ तांत्रिक पूजा-पाठ कर नुकसान पहुंचाने और भगवान का प्रकोप पड़ने की धमकी देने का आरोप है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 296, 351(3), 354, 308, 3(5) बीएनएस तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी ओम बोले का भाई प्रियांशु बोले थाना तोरवा के एक आपराधिक प्रकरण में चालान पेश होने के बाद जेल में बंद था. आरोप है कि ओम बोले अपने साथियों के साथ संबंधित पक्ष के पास पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए कहा कि प्रियांशु की कोर्ट से जमानत कराने में काफी रुपये खर्च हुए हैं. इसके एवज में एक लाख रुपये देने की मांग की गई. आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि एक लाख रुपये नहीं दिए गए तो इस बार उनकी हत्या कर दी जाएगी. इसके अलावा तांत्रिक पूजा-पाठ कराने, उसके जरिए नुकसान पहुंचाने और भगवान का प्रकोप पड़ने की धमकी भी दी गई. धमकी से भयभीत पीड़ति पक्ष ने मामले की शिकायत थाना तोरवा में की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में ओम बोले (23), निवासी गुरुद्वारा के पास दयालबंद, तरुण बजाज (27), निवासी चिल्ड्रन अस्पताल के पास तोरवा, मोहम्मद इसरार (22), निवासी सफेदखदान तोरवा तथा ऋषिकेश कुमार (28), निवासी जगमल चौक तोरवा शामिल हैं. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. मामले में आगे की जांच जारी है.
स्कूल की छुट्टी के बाद दो छात्राएं लापता
बिलासपुर. कोनी थाना क्षेत्र में स्कूल की छुट्टी के बाद कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली दो नाबालिग छात्राओं लापता हो गईं हैं. दोनों छात्राएं स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर नहीं पहुंचीं, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. काफी तलाश के बाद भी छात्राओं का पता नहीं चलने पर परिजनों ने कोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई. दोनों के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया. परिजनों ने पुलिस से छात्राओं को जल्द तलाशने की गुहार लगाई है.
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस छात्राओं के लापता होने की परिस्थितियों की जांच करने के साथ संभावित ठिकानों और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.
अमेरिकन गांजे के साथ युवक गिरफ्तार
बिलासपुर. सिरगिट्टी पुलिस ने 5.32 ग्राम ओजी (ओरिजनल गैंगस्टर) गांजे के साथ युवक शोभित जाजोदिया को गिरफ्तार किया है. आरोपी तारबाहर क्षेत्र का निवासी है और कोलकाता से पार्सल मंगाकर महंगा अमेरिकन गांजा बिलासपुर में बेच रहा था. वह नशे की खेप रायपुर के पते पर मंगवाता था. पुलिस ने आरोपी के पास से गांजे के अलावा मोबाइल और कार भी जब्त की है. मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.
न्यायधानी बिलासपुर में फिर चाकूबाजी
बिलासपुर. तोरवा थाना क्षेत्र के बूटापारा एनीकट के पास चाकूबाजी की घटना सामने आई है. शाम को टहलने निकले एक अधेड़ पर युवकों ने चाकू से हमला कर गर्दन पर वार कर दिया. गंभीर रूप से घायल अधेड़ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है.
बिलासपुर पुलिस की कॉम्बिंग गश्त, 126 वारंटियों पर कार्रवाई
बिलासपुर. पुलिस ने जिलेभर में एक साथ कॉम्बिंग गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया. इस दौरान 126 वारंटियों के घर दबिश दी गई और फरार आरोपियों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई. पुलिस ने 28 स्थाई वारंटी और 98 गिरफ्तारी वारंटियों को पकड़ा. इसके अलावा 43 निगरानी बदमाशों की जांच की गई, जिनमें से 13 के खिलाफ कार्रवाई की गई.

सरकारी बैंक से 27 लाख आहरण करने वाले बैंक कर्मी पर FIR
मुंगेली. शासकीय खाते से सेंट्रल बैंक के कर्मचारी के अपने अधिकारियों की आईडी का दुरूपयोग कर शासकीय बैंक खाते से 27 लाख रूपये निकालने और बाद में वापस डालने वाले निलंबित बैंक कर्मी पर सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज किया गया. बताया जाता है कि दस माह पहले स्पष्ट रूप से बैंक कर्मी के दोषी होने की बात सामने आने के बाद भी एक अधिकारी द्वारा मामले में एफआईआर होने में टालमटोल कराया जा रहा था. अब पुलिस द्वारा अन्य लिप्त लोगों पर जांच के बाद कार्रवाई की जा सकती है.
कथित रूप से अधिकारियों की आईडी के दुरूपयोग से राशि आहरण करने की बात के बाद बैंक स्तर पर जांच में बैंक कर्मी को दोषी पाया गया. जिसके बाद उसे निलंबित कर शासकीय खाते में राशि वापस डाल दी गयी थी. मामले में बैंक ने अपनी लंबी जांच रिपोर्ट में टिकेश कुमार को दोषी पाते हुए उसे निलंबित कर दिया था परंतु कलेक्टोरेट और पुलिस के बीच पत्र व्यवहार और तकनीकी कारण से अब तक एफआईआर नहीं हो सकी थी. कलेक्टोरेट के अधिकारी अज्ञात लिखकर एफआईआर का पत्र दे रहे थे. वहीं पुलिस द्वारा ज्ञात नामजद पत्र मिलने पर एफआईआर की बात कही गयी थी. इसी उलझन में कई माह से एफआईआर नहीं हो सकी थी. सामाजिक कार्यकर्ता नीलकमल सिंह, संदीप सिंह ने सीएम पोर्टल में भी इसकी शिकायत की थी. बैंक कर्मी पर एफआईआर के बाद कई बैंक में हडकंप मच गया है, जहां कई तरह की गड़बड़ी फर्जीवाड़ा हुआ है. दूसरे खाताधारक के खाते में दूसरे के हस्ताक्षर से पेमेंट, लोन देने में कई फर्जीवाड़ा जैसे कई बैंक में जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं. सिटी कोतवाली पुलिस ने 7 अगस्त को प्रार्थी कैलाश सिंह अधीक्षक की रिपोर्ट पर धारा 218, 4 दर्ज कर विवेचना शुरू की है. जांच में कई और संलिप्त भी सामने आ सकते हैं.
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