भुवनेश्वर : ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नई दिल्ली और गुरुग्राम में आयोजित निवेशक रोड-शो (Odisha Food Pro-2026) को लेकर राज्य में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. विपक्षी दल बीजू जनता दल ने सरकार की औद्योगिक नीतियों और दिल्ली दौरे की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे केवल प्रचार-प्रसार का जरिया बताया है.
बीजेडी नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के शासनकाल में ‘मेक इन ओडिशा’ (Make in Odisha) सम्मेलन के जरिए लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे. नई सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन निवेश प्रस्तावों की मौजूदा स्थिति क्या है, अब तक कितने प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं और उनके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ी है. बीजेडी का आरोप है कि पुराने निवेश प्रस्तावों पर ठोस प्रगति करने के बजाय नए रोडशो आयोजित करना महज प्रचार का माध्यम है और इससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है.
राज्य में बाढ़ का खतरा, उधर दिल्ली में रोड-शो कर रहे मुख्यमंत्री : बीजद
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. ऐसे संवेदनशील समय में जनता की समस्याएं हल करने और स्थिति की समीक्षा करने के बजाय मुख्यमंत्री का दिल्ली में रोडशो करना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है. बीजेडी का तर्क है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश लाने के लिए राज्य से बाहर रोडशो करने के बजाय ओडिशा के किसानों, स्थानीय खाद्य उत्पादकों और जमीनी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए था.
वहीं, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने बीजेडी के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भाजपा का कहना है कि रोडशो के दौरान 27 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनसे ओडिशा में 43,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे. भाजपा का आरोप है कि बीजेडी राज्य के औद्योगिक विकास में बाधा डालने और अपनी राजनीतिक हताशा में ऐसे अनर्गल बयान दे रही है. दोनों पक्षों के बीच इस जुबानी जंग ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है.
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H


