Odisha Desk, भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री कार्यालय से महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने के मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी और बीजेडी नेता वी.के. पांडियन को नोटिस जारी किए जाने के बाद ओडिशा में सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता प्रशांत मुदुली ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
प्रशांत मुदुली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता के बढ़ते असंतोष और आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए यह सब कर रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि फाइल ढूंढने में सरकार को दो साल का लंबा समय लग गया।
बीजेडी नेता प्रशांत मृदुली का कहना है, “पहले भी इस मामले में दो लोगों को नोटिस जारी किया गया था। अगर सरकार चाहती तो उसी समय सभी संबंधित लोगों को नोटिस भेज सकती थी, तब इसमें कोई समस्या नहीं थी। लेकिन अब इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।”
राज्य प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर सवाल
बीजेडी नेता ने सत्तारूढ़ दल को घेरते हुए कहा कि राज्य में प्रशासनिक अव्यवस्था अपने चरम सीमा पर पहुंच चुकी है।
विपरीत कानून-व्यवस्था: राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
महिलाओं की सुरक्षा: राज्य में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
युवाओं का भविष्य: युवाओं और छात्रों का भविष्य अंधकार की ओर बढ़ रहा है।
मुदुली ने कहा कि इन सभी विफलताओं और जन-आक्रोश को नया मोड़ देने के लिए ही बीजेपी इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
बीजेडी बिल्कुल चिंतित नहीं
प्रशांत मुदुली ने स्पष्ट किया कि भविष्य में क्या होगा, इसे लेकर बीजू जनता दल बिल्कुल भी घबराई हुई या चिंतित नहीं है। राज्य के अनगिनत नागरिक बेहद समझदार हैं और वे अच्छी तरह जानते हैं कि क्या सही है और क्या गलत।
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