झारखंड में ‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चा, खासकर राज्यसभा चुनाव और राजनीतिक उठापटक के दौरान, भाजपा द्वारा कथित तौर पर विपक्षी विधायकों को तोड़ने की रणनीति के रूप में सामने आ रही है। जेएमएम (JMM) के बदलते तेवरों और भाजपा नेताओं के दावों के बीच राज्य में सियासी अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है। JMM और कांग्रेस नेताओं को आशंका है कि भाजपा महाराष्ट्र की तरह झारखंड में भी ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाकर सरकार अस्थिर कर सकती है।

असम विधानसभा चुनाव में JMM ने पहली बार उतरकर सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. पार्टी के कई उम्मीदवार दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे और 7 को 15 हजार से ज्यादा वोट मिले.

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के नेता बार-बार ऑपरेशन लोटस की बात कर रहे हैं. यह शब्द 2008 में पहली बार कर्नाटक में ऑपरेशन लोटस शब्द सियासी चर्चा में आया था. वैसे ऑपरेशन लोटस बीजेपी का कोई अभियान नहीं है. विपक्ष जोड़-तोड़कर बनाने की बीजेपी की कवायद को ऑपरेशन लोटस कहता है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी JMM ने पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया. 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे. कोई सीट नहीं जीती लेकिन 2 सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे. इस पर BJP के एक बड़े नेता ने कहा कि JMM ने असम में कांग्रेस की ‘लंका लगा दी’ और साथ में झारखंड को लेकर भी बड़ी धमकी दे दी. इस पर JMM और कांग्रेस दोनों ने तीखा जवाब दिया.

JMM ने 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे. पार्टी को कुल वोटों में से करीब 1.16 प्रतिशत वोट मिले. नतीजों की बात करें तो 2 सीटों पर JMM दूसरे नंबर पर रही.14 सीटों पर JMM तीसरे नंबर पर रही.

हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर असम की जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा कि सीमित समय और सीमित साधनों के बावजूद पार्टी ने असम में अपनी पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की.

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय आलोक ने एक्स पर एक पोस्ट करके दो बड़ी बातें कहीं. पहली बात यह कि JMM के उम्मीदवारों ने असम में कांग्रेस के वोट काटे, ‘ दूसरी और ज्यादा चर्चित बात यह कही कि ‘गंगोत्री से गंगासागर के बीच झारखंड एक बांध की तरह है और वो बांध भी जल्द टूट जाएगा.’ यानी उनका इशारा था कि जल्द ही झारखंड में भी BJP की सरकार बन जाएगी और हेमंत सोरेन की सरकार जाएगी. इस बयान ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया.

JMM के महासचिव सुप्रिया भट्टाचार्य ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि झारखंड कोई साधारण बांध नहीं है, यह भाखड़ा नंगल बांध जैसा मजबूत है जिसे पार करना बेहद मुश्किल है.

कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दुबे ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने झारखंड को लेकर BJP के बयान पर भी कहा कि ‘गंगोत्री से गंगासागर तक बांध टूटने’ जैसी बातें BJP की राजनीतिक घबराहट को दिखाती हैं, जमीनी सच्चाई को नहीं. उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस और उसके साथी दल मजबूती से काम कर रहे हैं.

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