बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने हाल ही में अपना नया और संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी किया है, जिसमें आगामी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया (टीआरई-4) को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की गई है। आयोग के इस कदम से राज्य में शिक्षक चयन प्रक्रिया पूरी तरह से बदल जाएगी और सिविल सेवा परीक्षाओं की तर्ज पर इसे और अधिक पारदर्शी व सख्त बनाया जा रहा है।

​टीआरई-4 में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का नया प्रारूप

​अब तक आयोजित हुए पहले तीन चरणों (टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3) में केवल एक ही लिखित परीक्षा आयोजित की जाती थी, जिसके आधार पर सीधे अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार होती थी। लेकिन अब चौथे चरण यानी टीआरई-4 से नियम बदल दिए गए हैं।

  • ​दो चरणों की परीक्षा: अब अभ्यर्थियों को सरकारी शिक्षक बनने के लिए प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा (मेंस) दोनों चरणों को पास करना होगा।
  • ​बेहतर स्क्रीनिंग: आयोग का मानना है कि दो स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू होने से अयोग्य भीड़ छंट जाएगी और केवल उच्च गुणवत्ता व प्रतिभा वाले गंभीर अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच सकेंगे।
  • ​तारीखों की घोषणा: हालांकि टीआरई-4 की प्रारंभिक परीक्षा की आधिकारिक तिथि अभी तय नहीं की गई है, लेकिन विज्ञापन जारी होने के बाद इसकी समय-सारणी घोषित कर दी जाएगी।

​32,388 पदों पर होगी बंपर बहाली

​संशोधित कैलेंडर के अनुसार, टीआरई-4 के तहत कुल 32,388 रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इन पदों में सबसे अधिक संख्या उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए तय की गई है, जिससे योग्य युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। पदों का विवरण इस प्रकार है…

72वीं बीपीएससी पीटी और अन्य परीक्षाओं का शेड्यूल

​सिविल सेवा की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए भी आयोग ने अहम अपडेट साझा किया है:

  • ​72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा: कुल 1,189 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा आगामी 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होना प्रस्तावित है।
  • ​71वीं मुख्य परीक्षा परिणाम: इस परीक्षा का परिणाम इसी साल अगस्त से सितंबर महीने के बीच आने की पूरी संभावना है।

​प्रशासनिक बदलाव और अस्थायी तिथियां

​आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा कैलेंडर में जारी की गई सभी तारीखें फिलहाल अस्थायी हैं। किसी भी प्रशासनिक कारण, अपरिहार्य परिस्थिति या चुनाव संबंधी व्यस्तता के चलते इन तिथियों में बदलाव किया जा सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।