Dharm Desk – Budh Pradosh Vrat 2026 : बुध प्रदोष व्रत आज रखा गया है. प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक का विशेष महत्व होता है. प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का वह समय होता है, जो लगभग 1.5 घंटे तक रहता है. आज सूर्यास्त शाम 6:46 बजे होगा और 6:47 मिनट से रात 9:00 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा.

अभिषेक की विधि

प्रदोष काल में सबसे पहले पूजा स्थान पर भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. इसके बाद शिवलिंग का विधिवत अभिषेक करे. अभिषेक के लिए जल, दूध, दही, शहद और घी का उपयोग करें. यह पंचामृत अभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है.

पूजन सामग्री अर्पण

अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल अर्पित करें. विशेष रूप से 108 बेलपत्र चढ़ाने का महत्व बताया गया है. हर बेलपत्र अर्पित करते समय ओम बुं बुधाय नमः मंत्र का उच्चारण करें और साथ ही आम नमः शिवाय का जाप करें.

मंत्र जाप और आरती

पूजा के दौरान शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ करे. इसके बाद दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करे. इस समय पूरी श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करना आवश्यक माना गया है.

अभिषेक का महत्व

प्रदोष काल में किए गए महादेव के अभिषेक और पूजा से शिव प्रसन्न होते है. भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं. बुध प्रदोष व्रत के दिन यह पूजा करने से बुद्धि, वाणी और व्यापार से जुड़े लाभ प्राप्त होते हैं. साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती बनी रहती है.