चंडीगढ़। सीबीआई विशेष अदालत ने पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की भ्रष्टाचार मामले में दायर जमानत याचिका खारिज कर दी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क रखे।
भुल्लर के वकील ने तर्क दिया कि शिकायत में घटना का समय, तारीख और स्पष्ट स्थान नहीं है और कथित रिश्वत राशि में विरोधाभास है।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा पानी’ शब्द का अर्थ सीधे रिश्वत नहीं माना जा सकता। वहीं, सीबीआई के वकील ने बताया कि केस में दो विटनेस हैं और डीआईजी द्वारा भेजे गए मैसेज से स्पष्ट है कि रिश्वत मांगी गई थी।
सीबीआई की ओर से बताया गया कि भुल्लर ने बिचौलिए को संदेश भेजकर ‘पूरे 8 लाख करने हैं’ जैसी बातें कही थीं, जो भ्रष्टाचार की पुष्टि करती हैं।

अदालत ने मामले की गंभीरता और उच्च पदस्थ अधिकारी होने को देखते हुए जमानत अस्वीकार कर दी। भुल्लर को अब आगे की जांच और पूछताछ के लिए रिमांड पर रखा जाएगा। इस फैसले से सीबीआई की कार्रवाई को मजबूती मिली है और भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकारियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
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