आशुतोष तिवारी, जगदलपुर. अगर आपके मोबाइल पर भी ई-चालान भरने का मैसेज आया है, तो जल्दबाज़ी बिल्कुल न करें. बस्तर में साइबर ठग अब फर्जी ई-चालान के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं. परिवहन विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. ट्रैफिक नियमों का पालन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी अब ई-चालान के नाम पर हो रही साइबर ठगी से बचना भी हो गया है. बस्तर जिले में फर्जी ई-चालान लिंक भेजकर लोगों से बैंकिंग जानकारी और पैसे ठगने की घटनाएं सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है.
दरअसल, साइबर अपराधी आम नागरिकों के मोबाइल पर एसएमएस, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ई-चालान भुगतान का मैसेज भेज रहे हैं. ये मैसेज एक नजर में बिल्कुल असली सरकारी नोटिस जैसे दिखाई देता है, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं. लेकिन मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही यूजर एक ऐसी नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जो सरकारी पोर्टल की हूबहू कॉपी होती है. यहां वाहन नंबर, मोबाइल नंबर, बैंकिंग डिटेल, एटीएम कार्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है.
धमकी देकर बनाया जाता है मानसिक दबाव
कई मामलों में ठग तत्काल भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना या वाहन जब्त करने जैसी धमकियां देकर लोगों पर मानसिक दबाव भी बनाते हैं. इतना ही नहीं, कुछ फर्जी संदेशों में एपीके फाइल या मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे ऐप मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल कर देते हैं, जिससे बैंक खाते, यूपीआई और मोबाइल की निजी जानकारी तक साइबर अपराधियों की पहुंच बन सकती है.
अज्ञात नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डुलीचंद बंजारे ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ई-चालान का भुगतान करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें. किसी अज्ञात नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध संदेश की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें. परिवहन विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता न केवल आपकी मेहनत की कमाई बचा सकती है, बल्कि साइबर ठगों की पूरी साजिश को भी नाकाम कर सकती है.
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