कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) ने कहा है कि उनका संगठन अब दोबारा ‘संसद मार्च’ नहीं निकालेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका है कि यदि फिर से मार्च निकाला गया तो पुलिस दोबारा प्रदर्शन में शामिल युवाओं पर बल प्रयोग कर सकती है। दीपके ने सोमवार को दिल्ली में हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मारपीट की और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठाना था, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं ने कई छात्रों को घायल कर दिया। दीपके ने दावा किया कि इसी वजह से संगठन ने फिलहाल दोबारा संसद मार्च नहीं निकालने का फैसला किया है, ताकि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और इसी वजह से संगठन ने दोबारा संसद मार्च नहीं निकालने का फैसला किया है। दीपके ने कहा, “कल हमने देखा कि दिल्ली पुलिस ने कितनी बर्बरता और क्रूरता से बच्चों को पीटा।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़कियों समेत कई छात्रों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में तैनात पुलिसकर्मियों ने युवा प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई की।

उन्होंने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के दौरान एक छात्रा की गर्दन पर गंभीर चोट लगी, जिसके बाद वह जमीन पर गिर गई और वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दीपके का दावा है कि छात्रा को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रा को कोई गंभीर नुकसान होता है तो इसके लिए पुलिस और सरकार जिम्मेदार होगी।

घायल प्रदर्शनकारियों से अभिजीत दीपके ने मांगी माफी

अभिजीत दीपके ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के लिए उन्हें दुख है और उनका मानना है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए और बेहतर प्रयास कर सकते थे। मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए जारी अपने संदेश में दीपके ने खास तौर पर उन प्रदर्शनकारियों, विशेषकर लड़कियों से माफी मांगी, जो उनके अनुसार प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं। उन्होंने कहा, “मैं अपने सभी समर्थकों, खासकर उन लड़कियों से माफी मांगता हूं जिन्हें पुरुष पुलिसकर्मियों ने पीटा। मैं बेहतर कर सकता था। मैं दिल्ली पुलिस के अमानवीय एक्शन से आपको बचाने के लिए कुछ बेहतर कर सकता था।” दीपके ने कहा कि वह घायल हुए प्रदर्शनकारियों से व्यक्तिगत रूप से भी बात करना चाहते हैं और उनसे माफी मांगना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया।

घायल प्रदर्शनकारी मुझसे संपर्क करें, मैं लड़ता रहूंगा

अभिजीत दीपके ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से फिर संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उनसे बात करना चाहते हैं और आगे भी उनके लिए संघर्ष जारी रखेंगे। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं ले रही है और इसी कारण आंदोलन जारी है। दीपके ने अपने संदेश में कहा, “यदि आप घायल हुए हैं और इस पोस्ट को देख रहे हैं तो कृपया मुझे डायरेक्ट मैसेज कीजिए। मैं व्यक्तिगत तौर पर आपसे बात करना चाहता हूं और माफी मांगना चाहता हूं। मैं आप सभी के लिए लड़ता रहूंगा।”

पुलिस की कार्रवाई पर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

अभिजीत दीपके ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज के बजाय वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जा सकता था। दीपके ने कहा, “अगर वे मार्च रोकना चाहते थे तो वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर सकते थे। आखिरकार वे बच्चे ही तो हैं। ये 17-18 साल के बच्चे थे।” उन्होंने दावा किया कि उनका संगठन पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा था और इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि “कल पुलिस ने सबसे पहले हमला किया। उन्होंने लाठियों का इस्तेमाल किया और फिर भगदड़ मच गई।” उनके अनुसार, यदि भीड़ को रोकना ही उद्देश्य था तो कम बल प्रयोग वाले विकल्प अपनाए जा सकते थे।

दीपके ने दावा किया, “कल पत्थरों से भरे ट्रक कहां से आए? यहां पुलिस परिंदे को भी पर नहीं मारने दे रही है। हमारे हर सदस्य की तलाशी ली जा रही है, उनके बैग और जेब चेक किए जा रहे हैं। बैरियर पर सब कुछ रोका जा रहा था और लोगों को अंदर नहीं आने दिया जा रहा था। ऐसे में जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरे ट्रक कहां से आ गए? पुलिस को इसका जवाब देना चाहिए।”उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी, इसलिए वहां पत्थरों की मौजूदगी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं हुईं, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की हैं और सीसीटीवी, मोबाइल रिकॉर्डिंग तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m