CJP Protest Delhi: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सोमवार को राजधानी दिल्ली में सड़क से लेकर संसद तक सियासी हलचल तेज रहने की संभावना है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली जिले में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। सीजेपी पिछले 20 जून से जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इसी आंदोलन के तहत संगठन ने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया है।
मार्च से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की है। उन्होंने समर्थकों से कानून-व्यवस्था का पालन करने और किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था से दूर रहने का आग्रह किया। रविवार को ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने लगे। अभिजीत दीपके की रातभर धरनास्थल पर डटे रहने की अपील के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां बैनर लगाए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। सोमवार सुबह प्रस्तावित मार्च को लेकर धरनास्थल पर गतिविधियां और तेज हो गईं।
अभिजीत दीपके की प्रदर्शनकारियों को नसीहत
प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ शुरू होने से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर के मंच से प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पूरे विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च को अनुशासित और शांतिपूर्ण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “हमारी तरफ से कोई भी गलत काम नहीं करेगा। इस विरोध प्रदर्शन और मार्च को शांतिपूर्ण रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम यहां एक महीने से बैठे हैं। सोनम वांगचुक ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी है। हम इस विरोध प्रदर्शन को बदनाम नहीं होने दे सकते।”
अभिजीत दीपके ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं और जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन लोकतांत्रिक आवाज को फिर से मजबूत करने का प्रयास है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से जिंदा किया है।”उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग इस आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं अमेरिका में था, तब लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा और यह सिर्फ सोशल मीडिया का ट्रेंड बनकर रह जाएगा। लेकिन आज जंतर-मंतर की ओर आने वाली चारों सड़कें लोगों से भरी हुई हैं।”
सोनम वांगचुक की पत्नी फिर पहुंचीं दिल्ली हाई कोर्ट
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में याचिका दायर कर उस सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी गई थी। डॉ. आंग्मो ने अपनी अपील में कहा है कि सिंगल जज का आदेश उनके पति और परिवार से यह अधिकार छीनता है कि उनका इलाज कहां और किस अस्पताल में कराया जाए। उनका तर्क है कि मरीज और उसके परिजनों को इलाज और उपचार स्थल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।
संसद मार्च के बीच दिल्ली में 5 मेट्रो स्टेशन बंद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राजधानी के 5 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा की है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया पर जारी सूचना में बताया कि जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को एहतियात के तौर पर अगले आदेश तक बंद रखा गया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, मेट्रो सेवाओं में अन्य रूटों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेकर ही सफर की योजना बनाएं।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, बॉर्डरों पर बैरिकेडिंग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ बॉर्डर क्षेत्रों पर भी बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, बदरपुर बॉर्डर और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर फिलहाल यातायात सामान्य बना हुआ है। दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा के बीच वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी है और किसी प्रकार की रुकावट की सूचना नहीं है।
मार्च के लिए अनुमति नहीं ली: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीजेपी ने प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ के लिए कोई अनुमति नहीं ली है। पुलिस के अनुसार, संसद और अन्य संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को देखते हुए जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की है और राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत किसी भी अनधिकृत मार्च को हाई-सिक्योरिटी जोन की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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