कुंदन कुमार, पटना। सावन के तीसरा सोमवार पर यानी की आज बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में भगदड़ मचने से 7 कांवरियों की मौत हो गई। वहीं, एक दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हृदयविदारक घटना पर सीएम सम्राट चौधरी ने दुख जताते हुए अपनी संवेदना जाहिर की है।
सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख
सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से दुख प्रकट करते हुए लिखा, बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में हुई घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की।
घायलों के उचित इलाज हेतु दिया निर्देश
मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल हुए लोगों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उपचार में किसी तरह की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों और घायलों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। प्रशासन को राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अशोकधाम में हुई इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। सभी की निगाहें अब प्रशासन की राहत एवं उपचार व्यवस्था पर टिकी हैं।
7 कांवरियों की मौत, कई घायल
दरअसल आज सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का त्योहार होने के कारण अशोक धाम मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में लोग पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे थे। स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु और कांवरियां भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए पहुंचे हुए थे। समय के साथ यह भीड़ और भी बढ़ती गई। मंदिर में आने-जाने का सीमित और सकरा रास्ता होने की वजह से मंदिर के बाहर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारे लग गई। इस बीच अचानक बढ़ती भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात हो गए। लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और सभी एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इस दर्दनाक हादसे में जहां 7 कांवरियों की जान चली गई। वहीं, कई श्रद्धालु घायल हो गए।
अचानक भीड़ बढ़ने से हुआ हादसा
अशोक धाम मंदिर में मचे भगदड़ को लेकर जो प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, उसकी सबसे बड़ी वजह अचानक बढ़ी भीड़ को बताया जा रहा है। हालांकि भगदड़ कैसी मची? इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंची और राहत व बचाव कार्य में जुट गई। पुलिस ने एंबुलेंस व अन्य साधनों के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
अशोक धाम मंदिर में मचे भगदड़ को लेकर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था भी उठ रहा है। सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन द्वारा सोमवार और नाग पंचमी त्योहार को ध्यान में रखते हुए मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते, बैरिकेडिंग, कतार की पर्याप्त व्यवस्था, भीड़ के दबाव की लगातार निगरानी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी या नहीं? फिलहाल यह तो जांच का विषय है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी प्रशासन इस भगदड़ को लेकर क्या कुछ कार्रवाई करता है।
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