सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सहारनपुर में 613 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास और धार्मिक आस्था के मुद्दों पर विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
धार्मिक आस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग पहले धार्मिक आयोजनों और मंदिर आंदोलनों का विरोध करते थे, वही आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी, लेकिन किसी को भी हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अतीत में विपक्ष की आस्था कहाँ थी
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि अतीत में इन आयोजनों पर लगाए गए प्रतिबंधों के समय उनकी आस्था कहां थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का दिव्य और भव्य स्वरूप विकसित हो रहा है और इसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
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2017 के पहले दंगे आम बात थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़ और मथुरा जैसे जिलों में दंगे और कर्फ्यू आम बात हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना और कांधला जैसे क्षेत्रों से पलायन की घटनाएं होती थीं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उनके मुताबिक, उस दौर में न बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2011-12 में मुरादाबाद में डीआईजी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उनके मुकदमे वापस लेने का प्रयास किया था, जबकि उनकी सरकार ने दोषियों को सजा दिलाने का काम किया।
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डबल इंजन की सरकार समग्र विकास पर दे रही ध्यान
विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों के पास व्यापक दृष्टिकोण का अभाव था और उनका ध्यान केवल सीमित क्षेत्रों तक केंद्रित था। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश के सभी गांवों, ग्राम पंचायतों, विकासखंडों और नगर निकायों के समग्र विकास के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मां शाकुंभरी देवी कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना पहले केवल सपना थी, लेकिन अब उसे धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पाया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जाति और क्षेत्र के नाम पर राजनीति करने वालों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें लोगों को कमजोर करती हैं और विकास में बाधा उत्पन्न करती हैं।


