पटना। राजधानी में संचालित कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में हुए भीषण हादसों के बाद, प्रशासन ने शहर भर के कोचिंग सेंटरों का फायर ऑडिट शुरू किया है। इस अभियान के तहत पिछले दो दिनों में कुल 163 कोचिंग संस्थानों की गहन जांच की गई, जिसमें सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने वाले 89 संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।

​21 टीमों ने किया ऑडिट

​जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि इस अभियान के लिए प्रशासन ने 21 विशेष ऑडिट टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने दो दिनों के भीतर 163 कोचिंग संस्थानों का भौतिक निरीक्षण किया। नोटिस प्राप्त करने वाले 89 संस्थानों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर इन संस्थानों ने सुरक्षा खामियों को दूर नहीं किया तो प्रशासन उन पर ताला जड़ देगा और उन्हें सील कर दिया जाएगा।

​सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़

​जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं वे चौंकाने वाले हैं। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 85 प्रतिशत कोचिंग संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) की व्यवस्था या तो थी ही नहीं या फिर उसे पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग मौजूद नहीं पाया गया।
​इतना ही नहीं शहर के कई नामी संस्थानों में भी आग बुझाने वाले उपकरण (फायर एक्स्टिंग्विशर) या तो नदारद थे या फिर वे एक्सपायरी डेट के थे जो किसी काम के नहीं थे। इसके अलावा एक ही कमरे में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने के कारण वेंटिलेशन की गंभीर समस्या भी देखने को मिली। संकरी सीढ़ियों और बेसमेंट में बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के क्लासरूम चलाना छात्रों की जान जोखिम में डालने जैसा है।

​प्रशासन का सख्त संदेश

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के नाम पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रितेश कुमार पांडेय ने कहा कि सात दिनों के बाद फिर से इन संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना संस्थान संचालकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह कार्रवाई न केवल नियमों का पालन कराने के लिए है, बल्कि भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए एक चेतावनी भी है। अब देखना यह है कि प्रशासन की इस सख्ती का कितना असर कोचिंग संचालकों पर पड़ता है।