अनूप दुबे,  कटनी। जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष तिवारी के न्यायालय ने रेत के आधिकारिक रिकॉर्ड में भारी फर्जीवाड़ा और गड़बड़ी पकड़े जाने पर मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड पर 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपये की पेनल्टी अधिरोपित की है।

यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज नियम, 2022 के नियम 19 के तहत की गई है। फर्म को यह जुर्माना राशि जल्द से जल्द शासकीय कोष में जमा कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

ऑनलाइन और धरातल के आंकड़ों में भारी अंतर

मामले का खुलासा सेंड पोर्टल (Sand Portal) पर दर्ज आंकड़ों और मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान हुआ। विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम पुरैनी स्थित खसरा क्रमांक 43/1, 43/2 एवं 43/3 में संचालित मेसर्स विस्टा सेल्स के अनुज्ञप्ति स्थल की जांच की गई थी।

बिना ई-ट्रांजिट पास के रेत की कालाबाजारी

संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, मध्यप्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि सेंड पोर्टल पर दर्ज बड़ा स्टॉक धरातल पर गायब मिलता है, तो यह स्पष्ट करता है कि बिना किसी अभिवहन पास (TP) के रेत की खुलेआम कालाबाजारी और अवैध परिवहन किया गया है।

कलेक्टर कोर्ट ने खारिज कीं तकनीकी दलीलें

कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई के दौरान फर्म की ओर से जांच प्रक्रिया में तकनीकी कमियों की दलीलें दी गईं। हालांकि, न्यायालय ने स्थल पंचनामा, साक्ष्यों और बयानों का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए इन तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया।

न्यायालय ने टिप्पणी की कि 1.46 लाख घनमीटर जैसी विशाल मात्रा का अचानक गायब होना कोई मामूली तकनीकी त्रुटि नहीं हो सकती। यदि यह रेत वैध तरीके से बेची गई होती, तो फर्म के पास इसके कानूनी साक्ष्य उपलब्ध होते।

खिलाफ कमिश्नर कोर्ट जाएगी कंपनी

मामले में मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के वकील योगेश सोनी का कहना है कि प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई गलत तरीके से की गई है। इस फैसले के खिलाफ वे जल्द ही डिवीजन कमिश्नर (संभागायुक्त) कोर्ट में अपील दायर करेंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m