मधुबनी से मोहम्मद करीमुल्लाह/ मोतिहारी से सोहराब आलम। गुरूवार को बिहार के विभिन्न जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। मधुबनी में जहां पार्टी ने राम मंदिर के नाम पर कथित आर्थिक अनियमितताओं और चंदा वसूली को लेकर सवाल उठाए, वहीं पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में मंदिर में हुई चोरी की घटना को लेकर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।
मधुबनी: चंदा संग्रह और अनियमितता के खिलाफ हुंकार
मधुबनी जिला कांग्रेस कमेटी (पूर्वी) के अध्यक्ष नलिनी रंजन झा के नेतृत्व में आयोजित विशाल विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेसजनों ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। अध्यक्ष नलिनी रंजन झा ने अपने संबोधन में कहा, आस्था भारतीय समाज की आत्मा है, किंतु यदि उसी आस्था का उपयोग आर्थिक दोहन और राजनीतिक लाभ के लिए किया जाए, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों का गंभीर अवमूल्यन है। उन्होंने मांग की कि चंदे के नाम पर हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि जनता की श्रद्धा किसी भी दल की निजी संपत्ति नहीं है। इस दौरान परीक्षण यादव, अजय साह, मिहिर झा, सुनील झा, निधि झा, कपिल झा, अनिल चंद्र झा, कुमुद रंजन राय, सुशील झा, अकिल अंजुम, अभिषेक झा, विजय कृष्ण झा, बैद्यनाथ यादव, सुमित कुमार, गुड्डू साह, बचनू मंडल और नंद किशोर चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे जनविश्वास की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
मोतिहारी: सुरक्षा चूक पर पुतला दहन
दूसरी ओर, पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में राम मंदिर परिसर में हुई चोरी की घटना ने कांग्रेस को आंदोलित कर दिया। गांधी चौक पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अखिलेश दयाल और युवा जिला अध्यक्ष बिट्टू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।
जिला अध्यक्ष अखिलेश दयाल ने आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रही है लेकिन अब जब सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई है तो सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। युवा अध्यक्ष बिट्टू यादव ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा में सेंध भाजपा सरकार की विफलता है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच हो ताकि भविष्य में आस्था के केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कांग्रेस के इन दोनों प्रदर्शनों ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी अब इन मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।

